पूरे साल में 4 बार नवरात्रि आती है, जिसमें शारदीय, चैत्र और दो गुप्त नवरात्रि होती है। गुप्त नवरात्रि माघ और आषाढ़ माह में मनाई जाती है। गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के 10 महाविद्याओं की उपासना की जाती है। इन महाविद्याओं में मां काली, मां तारा, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला हैं। इस साल गुप्त नवरात्रि का आरंभ 15 जुलाई 2026 से हुआ है और समाप्त 23 जुलाई को होगा। धार्मिक मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में इन चीजों का दान करने से व्यक्ति की हर बाधा और परेशानी दूर हो जाती है।
गुप्त नवरात्रि में करें इन चीजों का दान
- खाना- गरीब और जरूरतमंदों को अन्न का दान करें। जरूरतमंद को अन्न का दान करनें से पुण्य लाभ मिलता है।
- धन- अपनी क्षमतानुसार धन का दान करें। ऐसा करने से आपके धन-धान्य में बरकत होगी।
- गेहूं और चावल- गुप्त नवरात्रि में गेहूं और चावल का दान शुभ माना गया है। इन दोनों चीजों का दान करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव होता है और करियर में भी वृद्धि होती है।
- तिल और गुड़- गुप्त नवरात्रि समाप्त होने से पहले तिल और गुड़ का दान अवश्य से करें। मान्यता है कि इन चीजों का दान करने से जीवन की हर बाधा शीघ्र दूर हो जाती है और भाग्य का भी साथ मिलता है।
- श्रृंगार सामग्री- सुहागिन महिलाओं को श्रृंगार की वस्तुएं जैसे चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, कंघी और मेहंदी आदि का दान करें। सौभाग्य में वृद्धि होगी और वैवाहिक जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी।
- दीपदान- गुप्त नवरात्रि में मंदिर या धार्मिक स्थान पर दीपदान करें। दीपदान करने से घर और जीवन से सारी नकारात्मकता दूर हो जाती है और देवी मां का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
गुप्त नवरात्रि में इन बातों का रखें ध्यान
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि तंत्र-मंत्र, साधना और मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए बेहद विशेष माने जाते हैं। इस समय की जाने वाली साधनाएं सामान्य भक्ति से अलग होती हैं और इनके लिए कठोर नियमों का पालन जरूरी होता है। गुप्त नवारत्रि की पूजा गुप्त ही रखनी चाहिए तभी पूजा अधिक फलदायी होता है। गुप्त नवरात्रि के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें और तामसिक चीजों से दूर रहे।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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