Gary Sobers Anju Mahendru Love Story: राजेश खन्ना की गर्लफ्रेंड से हो गया था गैरी सोबर्स का अफेयर, अंजू महेंद्रू संग अधूरी प्रेम कहानी


विवेक शुक्ला, नई दिल्ली: वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटर सर गैरी सोबर्स का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। सोबर्स को क्रिकेट के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडरों में से एक माना जाता है. उन्होंने 93 टेस्ट मैच खेले, 8032 रन बनाए (औसत 57.78) और 235 विकेट लिए, 26 शतक लगाए. उनका 365 नॉट आउट का रिकॉर्ड 36 साल तक टिका रहा. 1968 में एक ओवर में छह छक्के मारने का कारनामा भी उन्होंने ही किया था.

जब गैरी और अंजू की हुईं आंखें चार
लेकिन उनकी जिंदगी सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं थी. 1966-67 में जब वेस्टइंडीज टीम भारत आई थी, तब सोबर्स का नाम एक भारतीय अभिनेत्री अंजू महेंद्रू से जुड़ गया. उस समय अंजू महेंद्रू बॉलीवुड में नई थीं. दोनों की मुलाकात हुई और कुछ समय के लिए उनका रिश्ता चला. यह विवियन रिचर्ड्स और नीना गुप्ता से बहुत पहले की घटना थी.

अंजू महेंद्रू और गैरी सोबर्स

जब सोबर्स ने किया प्रपोज
वेस्टइंडीज क्रिकेट पर लगातार लिखते रहे क्रिकेट कमेंटेटर रवि चतुर्वेदी कहते हैं कि 1966-67 के भारत दौरे के दौरान सोबर्स की अंजू महेंद्रू से मुलाकात हुई. अंजू उस समय राजेश खन्ना के साथ रिलेशनशिप में थीं, लेकिन सोबर्स से उनकी अच्छी बन गई. दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और सोबर्स ने अंजू को प्रपोज किया. अंजू ने रिंग स्वीकार कर ली. इस खबर की खूब चर्चा हुई क्योंकि उस जमाने में विदेशी क्रिकेटर और भारतीय अभिनेत्री का रिश्ता असामान्य था.

अंजू के घरवालों ने जताया एतराज
लेकिन यह रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चला. अंजू के माता-पिता को यह पसंद नहीं आया. कल्चरल और अन्य अंतरों के कारण उन्होंने रिश्ते को आगे नहीं बढ़ने दिया. अंजू ने परिवार की इच्छा का सम्मान किया. सोबर्स लंदन चले गए और रिश्ता खत्म हो गया.

गैरी सोबर्स ने शराब के नशे में कई सेंचुरी जड़ी.

प्यार नहीं सिर्फ एट्रैक्शन था
अंजू महेंद्रू ने बाद में इंटरव्यू में कहा कि वे सोबर्स से आकर्षित जरूर हुई थीं, लेकिन गहरा प्यार नहीं था. सोबर्स ने अपनी किताब में अंजू का जिक्र किया और उन्हें सुंदर और अच्छा इंसान बताया. उन्होंने लिखा कि शादी का ख्याल था, लेकिन ऐसा हो नहीं सका. दोनों बाद में दोस्त बने रहे.

कौन हैं अंजू महेन्द्रू?
अंजू महेन्द्रू अब करीब 80 साल की हो चुकीं हैं. अंजू महेन्द्रू राजेश खन्ना के साथ रिलेशनशिप में रहीं. कहते हैं कि राजेश खन्ना ने 1971 में शादी का प्रस्ताव दिया था, जिसे अंजू ने ठुकरा दिया. बाद में राजेश ने डिंपल कपाड़िया से शादी कर ली. अंजू ने इम्तियाज खान के साथ रिलेशन भी रखा, लेकिन कभी शादी नहीं की.

बेशक, सोबर्स के निधन की खबर सुनकर वो विचलित हुई होंगी, उनके सामने गुजरा दौर चलचित्र की तरह चलने लगा होगा. अब अंजू मुंबई में अकेले रहती हैं. मां के निधन के बाद बहन के परिवार के साथ जुड़ी रहती हैं. उन्होंने कहा, “मैं अकेले खुश हूं, दवाइयों और बीपी की बातें करके क्या करूंगी?” वे अपनी व्यस्तता और दुनिया की घटनाओं में रुचि रखकर समय बिताती हैं.

अपनी पत्नी के साथ गैरी सोबर्स

सोबर्स क्यों गए थे दिल्ली यूनिवर्सिटी
इस बीच, सोबर्स पहली बार दिल्ली में 1958-59 में वेस्ट इंडीज टीम के साथ खेलने आए थे. वे तब दिल्ली यूनिवर्सिटी भी गए थे. उस दौरान जब दिल्ली में टेस्ट मैच चल रहा था, तब ही दिल्ली यूनिवर्सिटी का इंटर कॉलेज का फाइनल मैच सेंट स्टीफंस कॉलेज और हिंदू कॉलेज के दरम्यान चल रहा था. तब वेस्टइंडीज की टीम विश्राम वाले दिन उस मैच को देखने के लिए गई थी. रवि चतुर्वेदी भी उस मैच को देख रहे थे. वे तब दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र थे. वेस्टइंडीज की उस टीम में सोबर्स के अलावा रफ्तार के सौदागर वेस हॉल और रोहन कन्हाई भी थे. सोबर्स ने बाद में रवि चतुर्वेदी को अपने ब्रिज टाउन (बारबाडोस) के घर में बताया भी था कि उन्हें यकीन हुआ था कि इंटर कॉलेज क्रिकेट चैंपियनशिप के फाइनल मैच को देखने के लिए इतनी भारी भीड़ मैदान में होती है.

फिर कब आए दिल्ली?
सोबर्स की कप्तानी में वेस्टइंडीज टीम 1966 में भी दिल्ली के फिरोज कोटला मैदान में खेली. टेस्ट 20 दिसंबर, 1966 को शुरू हुआ. यानी करीब 60 साल साल पहले. फिरोजशाह कोटला मैदान में वेस्टइंडीज और बोर्ड प्रेसिडेंट इलेवन के बीच चारदिवसीय मैच शुरू हुआ. सोबर्स को देखने के लिए कोटला मैदान खचाखच भरा हुआ था. उस दिन भारत की क्रिकेट एक नए युग में प्रवेश कर रही थी.

अंजू महेंद्रू और गैरी सोबर्स की अधूरी लव स्टोरी

दरअसल, उस मैच का दूरदर्शन से पहली बार सीधा प्रसारण होने जा रहा था. तब तक आकाशवाणी का हिस्सा ही था दूरदर्शन. सरकार ने दूरदर्शन को आकाशवाणी से अलग किया 1976 में. मशहूर क्रिकेट कमेंटेटर डॉ. नरोत्तम पुरी ने वेंकट सुंदरम द्वारा संपादित किताब Indian Cricket- Then and Now में भारत में क्रिकेट कमेंट्री के इतिहास और वर्तमान पर लिखे अपने शानदार निबंध में बताया कि वेस्टइंडीज और बोर्ड प्रेसिडेंट इलेवन के बीच खेले गए उस मैच की कमेंट्री जोगा राव (हिंदी और देवराज पुरी (अंग्रेजी) ने की थी. फतेहसिंह राव गायकवाड एक्सपर्ट कमेंटेटर थे. नरोत्तम पुरी उस मैच में कमेंट्री टीम के स्कोरर थे. देवराज पुरी पिता थे डॉ. पुरी के.

दिल्ली के पूर्व रणजी ट्रॉफी प्लेयर वेंकट सुंदरम बताते हैं कि सोबर्स बेहद स्टाइलिश प्लेयर थे, उनको देखने के लिए कोटला में भारी भीड़ जमा हो गई थी. हालत इतनी खराब हो गई थी कि पुलिस को भीड़ पर काबू पाने के लिए लाठी चार्ज भी किया था.



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