अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष होता है तो उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बनते काम बिगड़ने लगते हैं और करियर में भी बाधाएं आती हैं। इसके अलावा कालसर्प दोष से पीड़ित व्यक्ति को मानसिक तनाव भी बना रहता है। साथ ही विवाह में देरी और आर्थिक उतार-चढ़ाव जैसे स्थिति का भी सामना करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में कालसर्प दोष को एक महत्वपूर्ण योग माना जाता है। जब कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं तब कालसर्प दोष का निर्माण होता है। तो अगर आप भी कालसर्प दोष से प्रभावित हैं तो इस साल सावन माह की शिवरात्रि के दिन इन उपायों को जरूर करें। सावन शिवरात्रि का दिन दोष शांति के लिए अत्यंत शुभ अवसर माना जाता है।
रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें
कालसर्प दोष शांति के लिए सावन शिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक करें। रुद्राभिषेक में गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और चीनी से भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है। इसके साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का भी जाप करें। शिवलिंग पर 11, 21 या 108 बिल्व/बेलपत्र चढ़ाएं। सावन शिवरात्रि पर महामृत्युंजय मंत्र का 108, 1008 या अपनी क्षमता अनुसार मंत्र का जाप करें। मंत्र है- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
चांदी का नाग अर्पित करें
कालसर्प दोष के मुक्ति पाने के लिए सावन मासिक शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर चांदी का नाग चढ़ाएं। यह उपाय राहु-केतु से संबंधित अशुभ प्रभावों को कम करने में सहायक माना जाता है।
नाग देवता की पूजा
सावन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव के साथ ही नाग देवता की भी पूजा करें। नाग देवता को दूध अर्पित करें। इसके अलावा शिव मंदिर में नाग प्रतिमा पर जल चढ़ाएं। इसके साथ ही कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए नागपंचमी के दिन इन मंत्रों का भी जाप करें।।
इन चीजों का करें दान
- काला तिल
- भोजन
- उड़द दाल
- वस्त्र
- धन
सावन मासिक शिवरात्रि 2026 डेट
हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। इस दिन व्रत रखने के साथ ही भगवान शिव की पूजा का विधान है।एक वर्ष में बारह मासिक शिवरात्रि आती हैं। वहीं सावन माह में आने वाली शिवरात्रि को सावन शिवरात्रि कहते हैं। सावन का पूरा महीना ही भगवान शिव को समर्पित है व उनकी पूजा करने के लिए शुभ है। अतः सावन महीने में आने वाली शिवरात्रि को भी अत्यधिक शुभ माना गया है। इस साल सावन माह की शिवरात्रि 11 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। सावन शिवरात्रि का पारण 12 अगस्त को किया जाएगा। वहीं इस साल सावन का पावन महीना 30 जुलाई 2026 से आरंभ हो रहा है।
सावन शिवरात्रि 2026 शुभ मुहूर्त
- चतुर्दशी तिथि प्रारंभ – अगस्त 11, 2026 को 04:54 ए एम बजे
- चतुर्दशी तिथि समाप्त – अगस्त 12, 2026 को 01:52 ए एम बजे
- रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – 07:09 पी एम से 09:56 पी एम
- रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – 09:56 पी एम से 12:44 ए एम, अगस्त 12
- रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – 12:44 ए एम से 03:31 ए एम, अगस्त 12
- रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – 03:31 ए एम से 06:19 ए एम, अगस्त 12
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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