27 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि और सोमवार का दिन है। त्रयोदशी तिथि सोमवार को शाम 4 बजकर 15 मिनट तक रहेगी, उसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी। 27 जुलाई को रात 10 बजकर 55 मिनट तक वैधृति योग रहेगा। साथ ही सोमवार को सुबह 10 बजकर 29 मिनट तक मूल नक्षत्र रहेगा, उसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र लग जायेगा। इसके अलावा 27 जुलाई से जया-पार्वती व्रत की शुरुआत हो रही है। वहीं सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है। सोमवार के दिन महादेव की पूजा करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते सोमवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
27 जुलाई 2026 का पंचांग
- आषाढ़ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि- 27 जुलाई 2026 को शाम 4 बजकर 15 मिनट तक रहेगी, उसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी
- वैधृति योग- 27 जुलाई 2026 को रात 10 बजकर 55 मिनट तक
- पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र- 27 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजकर 29 मिनट तक मूल नक्षत्र रहेगा, उसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र लग जायेगा।
- 27 जुलाई 2026 विशेष- जया-पार्वती व्रत
27 जुलाई 2026 का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:46 ए एम से 05:30 ए एम
- प्रातः संध्या- 05:08 ए एम से 06:14 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- 12:19 पी एम से 01:11 पी एम
- विजय मुहूर्त- 02:55 पी एम से 03:48 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 07:16 पी एम से 07:38 पी एम
राहुकाल का समय
- दिल्ली- सुबह 07:22 – 09:04 AM
- मुंबई- सुबह 07:52 – 09:29 AM
- चंडीगढ़- सुबह 07:20 – 09:03 AM
- लखनऊ- सुबह 07:09 – 08:50 AM
- भोपाल- सुबह 07:28 – 09:07 AM
- कोलकाता- सुबह 06:45 – 08:24 AM
- अहमदाबाद- सुबह 07:47 – 09:27 AM
- चेन्नई- सुबह 07:29 – 09:04 AM
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- 05:38 ए एम
- सूर्यास्त- 19:14 पी एम
जया-पार्वती व्रत महत्व
सोमवार से जया-पार्वती व्रत की शुरुआत हो रही है और 31 जुलाई को समाप्त होंगे। यह व्रत विशेष तौर पर गुजरात में मनाया जाता है। बता दें कि जया पार्वती व्रत को विजया व्रत के नाम से भी जाना जाता है। जया पार्वती व्रत में माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है। यह लगातार पांच दिनों तक चलता है। विवाहित महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने के लिए और कन्यायें सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए पूरी श्रद्धा के साथ जया पार्वती व्रत को करती हैं। इस दिन विवाहित महिलाएं और कन्याएं बालू या रेत का हाथी बनाकर उस पर 5 तरह के फल फूल और प्रसाद अर्पित करती हैं।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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