team india selection: इंग्लैंड दौरे पर चोटिल हुए वाशिंगटन सुंदर के पूरी तरह फिट न होने के कारण, घरेलू क्रिकेट में लगातार रनों और विकेटों का अंबार लगा रहे मध्य प्रदेश के अनुभवी ऑलराउंडर सारांश जैन को टीम इंडिया का टिकट मिलना लगभग तय माना जा रहा है.
ऑफ स्पिनर सारांश जैन को अनफिट वॉशिंगटन सुंदर की जगह मिल सकता है मौका
मुख्य कोच गौतम गंभीर हमेशा से एक ऐसे ऑफ-स्पिनर की तलाश में रहे हैं जो नंबर 8 पर आकर टीम के लिए उपयोगी बल्लेबाजी भी कर सके. सारांश जैन इस खांचे में पूरी तरह फिट बैठते हैं, क्योंकि उनके पास न सिर्फ गेंद को दोनों तरफ स्पिन कराने की कला है, बल्कि संकट के समय क्रीज पर टिकने का माद्दा भी है.सारांश की गेंदबाजी की सबसे बड़ी खासियत उनकी फ्लाइट और फ्लोटर बॉल है जो खासकर बाएं हाथ के बल्लेबाजों को तंग कर सकती है.
घरेलू क्रिकेट के नए ‘सरताज’ हैं सारांश
33 वर्षीय सारांश जैन का जन्म 31 मार्च 1993 को इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ था. उन्होंने पिछले दो घरेलू सीजन (Ranji Trophy और Duleep Trophy) में गेंद और बल्ले दोनों से विपक्षी टीमों की नाक में दम कर रखा है. रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन: सारांश ने 2025-26 के रणजी सीजन में मध्य प्रदेश के लिए खेलते हुए मात्र 7 मैचों में 2.64 की शानदार इकोनॉमी से 30 विकेट चटकाए. इससे पिछले सीजन में भी उन्होंने 8 मैचों में 35 विकेट अपने नाम किए थे.दलीप ट्रॉफी 2025 के फाइनल में सेंट्रल जोन की तरफ से खेलते हुए सारांश ने साउथ जोन के खिलाफ 5 विकेट लेकर सनसनी मचा दी थी, जिससे विरोधी टीम महज 149 रनों पर सिमट गई थी. इसके अलावा ईरानी ट्रॉफी में रेस्ट ऑफ इंडिया के खिलाफ भी वे 6 विकेट हॉल ले चुके हैं.
श्रीलंका की पिचों का ताजा अनुभव
सारांश जैन की दावेदारी इसलिए भी सबसे मजबूत है क्योंकि वे हाल ही में भारत ए टीम के साथ श्रीलंका का दौरा कर चुके हैं। जुलाई 2026 की शुरुआत में श्रीलंका ए के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए चार दिवसीय मैचों में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया था. एक मुकाबले में जहां उन्होंने श्रीलंका ए के खिलाफ पहली पारी में जुझारू 70 रनों की नाबाद पारी खेली, वहीं गेंदबाजी में मैच के दौरान कुल 6 विकेट (पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 2) झटके. श्रीलंका की टर्निंग पिचों पर खेलने का यह ताजा अनुभव उन्हें बाकी स्पिनरों की रेस में सबसे आगे खड़ा करता है.
फर्स्ट क्लास करियर के दमदार आंकड़े
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सारांश जैन का कद काफी बड़ा है. उन्होंने अब तक खेले 54 मैचों की 85 पारियों में 31.76 की औसत से 2223 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं वहीं गेंदबाजी की बात करें तो वे 27.31 के औसत से 188 विकेट चटका चुके हैं, जिसमें 10 बार एक पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा शामिल है.
गंभीर की रणनीति के सबसे बड़े हथियार
चयनकर्ताओं के पास हर्ष दुबे, जीशान अंसारी और विपराज निगम जैसे विकल्प भी मौजूद हैं लेकिन हर्ष दुबे के आने से टीम में एक ही शैली (बाएं हाथ के स्पिनर) के गेंदबाजों की संख्या बढ़ जाएगी, जो पहले से ही रवींद्र जडेजा और मानव सुथार के रूप में मौजूद हैं. चूंकि वाशिंगटन सुंदर एक दाएं हाथ के ऑफ-स्पिनर और बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, इसलिए सारांश जैन (बाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के ऑफ-स्पिनर) उनके सबसे सटीक और सीधे रिप्लेसमेंट बनते हैं. सालों की कड़ी मेहनत और घरेलू क्रिकेट की भट्टी में तपने के बाद अब सारांश जैन के लिए टीम इंडिया की जर्सी पहनने का सुनहरा मौका आ गया है. अगर उन्हें श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए चुना जाता है, तो यह भारतीय घरेलू क्रिकेट के सिस्टम की एक बड़ी जीत होगी.
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…
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