
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद पहली बार टीम इंडिया में जगह बनाई. वैभव को आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरों के लिए टी20 टीम में शामिल किया गया था. हर किसी को उम्मीद थी कि अपनी हालिया फॉर्म को देखते हुए उन्हें आयरलैंड के खिलाफ ही प्लेइंग इलेवन में मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. टीम प्रबंधन ने आयरलैंड दौरे पर वैभव सूर्यवंशी को एक भी मैच में खेलने का अवसर नहीं दिया. इसके बजाय, संजू सैमसन (Sanju Samson) के लगातार खराब फॉर्म से जूझने के बाद वैभव को सीधे इंग्लैंड के खिलाफ कठिन सीरीज में मैदान पर उतार दिया गया.
इंग्लैंड की विश्व स्तरीय गेंदबाजी के सामने वैभव के लिए शुरुआत आसान नहीं रही. जोफ्रा आर्चर जैसे तेज तर्रार गेंदबाजों का सामना करते हुए युवा बल्लेबाज 14, 13 और 15 रन की मामूली पारियां ही खेल सका. शुरुआती तीन मैचों में रन न बनने के कारण टीम प्रबंधन ने उन्हें पांचवें और अंतिम टी20 मैच से बाहर कर दिया और संजू सैमसन की वापस प्लेइंग इलेवन में एंट्री करा दी.
मोहम्मद कैफ का गुस्सा और तर्क
भारत के लिए 13 टेस्ट और 125 वनडे मैच खेल चुके मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) ने अपने यूट्यूब चैनल पर टीम प्रबंधन के इस रवैये की कड़ी आलोचना की. कैफ ने कहा कि जब कोई खिलाड़ी अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हो और ऑरेंज कैप जीतकर आया हो, तो उसके आत्मविश्वास का फायदा तुरंत उठाया जाना चाहिए.
कैफ ने कहा, ‘वैभव एक एक्स-फैक्टर (X-factor) खिलाड़ी हैं. उन्होंने अपने प्रदर्शन से अपनी पहचान बनाई है. इतनी कम उम्र में और तमाम आकर्षण के बीच उन्होंने आईपीएल में रन बनाए. वह सिर्फ एक-दो मैचों के खिलाड़ी नहीं थे, उन्होंने ऑरेंज कैप जीती थी. उन्हें आयरलैंड में ही खिलाया जाना चाहिए था. अगर ऐसा होता तो उनका शुरुआती डर और घबराहट वहीं खत्म हो जाती. इसके बाद जब वह इंग्लैंड पहुंचते, तो उनका आत्मविश्वास अलग स्तर पर होता और वह वहां भी अच्छा प्रदर्शन करते.’
पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने आगे कहा, ‘वह पीछे एक बेहतरीन फॉर्म लेकर आए थे. लेकिन आपने उनसे कहा कि पहले आप ड्रिंक्स सर्व कीजिए. वह एक विशेष खिलाड़ी हैं, उन्हें आयरलैंड में सीधा मौका दिया जाना चाहिए था. अगर कोई खास टैलेंट है, तो उसे स्पेशल ट्रीटमेंट मिलना चाहिए था. आयरलैंड में खेलने से उनकी झिझक खत्म हो जाती और यूके में उन्हें कोई घबराहट नहीं होती.’
जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव का करारा जवाब
इंग्लैंड में खराब शुरुआत और ड्रॉप किए जाने के झटके के बावजूद, वैभव सूर्यवंशी ने अपने हुनर का लोहा मनवाया. जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई टी20 सीरीज में इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने धमाकेदार वापसी की. वैभव ने पहले टी20 में शानदार अर्धशतक जड़ा. दूसरे टी20 में उन्होंने 20 रन की पारी खेली. तीसरे टी20 में सूर्यवंशी के बल्ले से 81 रन निकले. वैभव ने जिम्बाब्वे दौरे पर 3 मैचों में 50.33 की बेहतरीन औसत से कुल 151 रन बनाए और उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ के अवॉर्ड से नवाजा गया.
‘वैभव का सफर जानबूझकर कठिन बनाया गया’
जिम्बाब्वे में वैभव के इस प्रदर्शन के बाद कैफ ने दोहराया कि इस खिलाड़ी में अद्भुत क्षमता है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होने के लिए बेहतर प्रबंधन की जरूरत है. कैफ ने कहा, ‘इंग्लैंड में जब वह नहीं चले, तो आपने उन्हें तुरंत ड्रॉप कर दिया. सूर्यवंशी वहां जोफ्रा आर्चर का सामना कर रहे थे. उन्होंने अभी भारत की सरजमीं पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला है, लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि जब वह यहां खेलेंगे, तो ढेरों रन बनाएंगे. सूर्यवंशी का भारत के लिए शुरुआती सफर काफी कठिन रहा; इसे आसानी से सुगम बनाया जा सकता था. लेकिन इसे उनके लिए मुश्किल बना दिया गया. वह एक खास प्रतिभा हैं, उन्हें इतनी जल्दी ड्रॉप नहीं किया जाना चाहिए था. अब देखिए, जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब जीतकर खुद को साबित कर दिया है.’ वैभव सूर्यवंशी के इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि वह लंबी रेस के घोड़े हैं. कैफ के इन बयानों ने भारतीय टीम प्रबंधन की युवा खिलाड़ियों को संभालने की रणनीति पर एक बार फिर नई बहस छेड़ दी है.
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