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अगर आप लंबे समय से WiFi पासवर्ड नहीं बदल रहे हैं, तो यह आपकी इंटरनेट स्पीड, डिवाइस सिक्योरिटी और डेटा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. जानिए WiFi पासवर्ड न बदलने के बड़े नुकसान.

मुंबई : आजकाल वायफायचा वापर मोठ्या प्रमाणात होत आहे. बरेच लोक वायफाय कनेक्शनशी कनेक्ट केल्यानंतर त्यांचा पासवर्ड बदलत नाहीत. एकच पासवर्ड ठेवणे सोयीचे असले तरी त्याचे अनेक तोटे देखील आहेत. म्हणून, वेळोवेळी तुमचा वायफाय पासवर्ड बदलणे उचित आहे. यामुळे तुमचे कनेक्शन सुरक्षित राहते आणि तुमच्या वेगावर परिणाम होत नाही. आज, आम्ही तुम्हाला तुमचा वायफाय पासवर्ड न बदलण्याचे तोटे सांगणार आहोत.

आजकल वाई-फाई का इस्तेमाल लगभग सभी लोग कर रहे हैं. बहुत से लोग वाई-फाई कनेक्शन से जुड़ने के बाद अपना पासवर्ड नहीं बदलते. एक ही पासवर्ड रखना भले ही सुविधाजनक हो, लेकिन इसके कई नुकसान भी होते हैं. इसलिए समय-समय पर अपना वाई-फाई पासवर्ड बदलना जरूरी है. इससे आपका कनेक्शन सुरक्षित रहता है और इंटरनेट की स्पीड पर भी कोई असर नहीं पड़ता. आज हम आपको बताएंगे कि वाई-फाई पासवर्ड न बदलने के क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं.

अॅक्सेस सोपा होतो - तुम्ही वर्षानुवर्षे तुमचा वायफाय पासवर्ड बदलला नाही तर इतरांना प्रवेश मिळवणे सोपे होते. ज्यांना पासवर्ड माहित आहे ते तुमच्या नकळत तो शेअर करू शकतात.

एक्सेस आसान हो जाता है – अगर आप सालों तक अपना वाई-फाई पासवर्ड नहीं बदलते हैं, तो दूसरों के लिए आपके नेटवर्क तक पहुंच पाना आसान हो जाता है. जिन्हें पासवर्ड पता होता है, वे आपकी जानकारी के बिना उसे दूसरों के साथ शेयर कर सकते हैं.

स्पीड स्लो करणे - जितके जास्त डिव्हाइस वाय-फायशी कनेक्ट होतात तितके त्याच्या बँडविड्थवर परिणाम होतो. जास्त डिव्हाइस कनेक्ट केल्याने इंटरनेट स्पीड मंदावतो, ज्यामुळे स्ट्रीमिंग आणि गेमिंगचा आनंद कमी होऊ शकतो.

स्पीड धीमी हो जाती है- जितने ज़्यादा डिवाइस वाई-फाई से कनेक्ट होते हैं, उतना ही उसकी बैंडविड्थ पर असर पड़ता है. ज्यादा डिवाइस जुड़े होने से इंटरनेट की स्पीड कम हो जाती है, जिससे स्ट्रीमिंग और गेमिंग का मज़ा खराब हो सकता है.

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सिक्योरिटी रिस्क- तुमचा पासवर्ड न बदलल्याने हॅकिंगचा धोका वाढतो. सायबर हल्लेखोर सामान्य पॅटर्न आणि लीक झालेले पासवर्ड वापरून तुमच्या वायफाय नेटवर्कमध्ये हॅक करू शकतात.

सिक्योरिटी रिस्क- पासवर्ड न बदलने से हैकिंग का खतरा बढ़ जाता है. साइबर हमलावर आम पैटर्न और लीक हुए पासवर्ड का इस्तेमाल करके आपके वाई-फाई नेटवर्क को हैक कर सकते हैं.

डिव्हाइसेस हायजॅक केले जाऊ शकतात - तुमचा पासवर्ड न बदलल्याने सुरक्षा कमकुवत होते आणि हॅकर्स तुमचा कॅमेरा, स्पीकर, टीव्ही आणि इतर स्मार्ट गॅझेट्सना लक्ष्य करू शकतात आणि मालवेअर इंस्टॉल करू शकतात, जे डिव्हाइससाठी धोकादायक असू शकते.

डिवाइस हाईजैक हो सकते हैं- पासवर्ड न बदलने से सिक्योरिटी कमजोर हो जाती है और हैकर्स आपके कैमरा, स्पीकर, टीवी और दूसरे स्मार्ट गैजेट्स को निशाना बना सकते हैं. वे इनमें मैलवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं, जो डिवाइस के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

मालवेअर धोका - एखाद्या मलेशियस डिव्हाइसने तुमचा जुना पासवर्ड जाणून घेतला आणि तुमच्या नेटवर्कमध्ये सामील झाला तर ते आणखी पसरू शकते. तुमच्या नेटवर्कचा वापर करून, मालवेअर फोन, लॅपटॉप आणि इतर कनेक्टेड डिव्हाइसेसना देखील लक्ष्य करू शकते.

मालवेयर का खतरा – अगर किसी मैलिशस डिवाइस को आपका पुराना पासवर्ड पता चल जाता है और वह आपके नेटवर्क से जुड़ जाता है, तो खतरा और बढ़ सकता है. आपके नेटवर्क का इस्तेमाल करके मालवेयर फोन, लैपटॉप और अन्य कनेक्टेड डिवाइसों को भी बेकार कर सकता है.

कायदेशीर परिणाम - तसेच, लक्षात ठेवा की जर कोणी तुमच्या वायफाय नेटवर्कचा वापर घोटाळा किंवा सायबर हल्ला करण्यासाठी केला तर तुम्हाला कायदेशीर अडचणी येऊ शकतात. या परिस्थितीत, हल्लेखोर आणि तुमच्या दोघांवरही कारवाई केली जाऊ शकते.

कानूनी परिणाम- यह भी ध्यान रखें कि अगर कोई आपके वाई-फाई नेटवर्क का इस्तेमाल धोखाधड़ी या साइबर हमला करने के लिए करता है, तो आपको कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में हमलावर के साथ-साथ आप पर भी कार्रवाई हो सकती है.

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अगर आप भी महीनों नहीं बदलते Wifi का पासवर्ड तो खुद को मुश्किल में डाल रहे हैं



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