Brett Lee inducted into Australian Cricket Hall of Fame: ब्रेट ली का सपना पूरा, मिली ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में जगह


नई दिल्ली. इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों को होश उड़ाने वाले खौफनाक गेंदबाज ब्रेट ली को संन्यास के 13 साल बाद बड़ा सम्मान दिया गया. उनका नाम ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है. उन्हें 1999 से 2012 तक बल्लेबाजों को डराने वाले उनके शानदार करियर के लिए यह सम्मान मिला है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को एक बयान जारी कर इस खबर की पुष्टि की.

ब्रेट ली ने 76 टेस्ट मैचों में 310 विकेट लिए साथ ही 221 वनडे में 380 विकेट भी अपने नाम किए. इसके अलावा, इस तेज गेंदबाज ने 25 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और 28 विकेट लिए, साथ ही बीबीएल के शुरुआती वर्षों में सिक्सर्स के लिए भी शानदार प्रदर्शन किया. व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ-साथ, 49 साल के ली ने कई एशेज सीरीज जीतीं और उनके नाम तीन वर्ल्ड कप खिताब भी हैं, जिसमें 1999, 2003 और 2007 के खिताब शामिल हैं. ली ने 2008 में एलन बॉर्डर मेडल जीता और 2006 में उन्हें विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर भी चुना गया, साथ ही वे ऑस्ट्रेलिया के सबसे पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक रहे हैं.

Fastest Balls In Cricket History, unique cricket records, fastest balls in international cricket, hoaib Akhtar, Shaun Tait, Brett Lee, Jeff Thomson, Mitchell Starc, Shoiab Akhtar was the first bowler to break the 100 mph, fastest balls in cricket, who is the fastest bowler in the world, fastest balls in cricket history, क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज गेंद, सबसे तेज गेंद फेंकने वाले गेंदबाज

उनकी लोकप्रियता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी है. भारत में उनके फैंस की संख्या काफी है और उनकी एक सफल बैंड ‘सिक्स एंड आउट’ भी है, जो जनवरी में समाप्त हो जाएगी. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट हॉल ऑफ फेम के चेयरमैन पीटर किंग ने कहा, “ब्रेट ली का ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में शामिल होना पूरी तरह से योग्य है. वह न केवल दुनिया के सबसे तेज और रोमांचक गेंदबाजों में से एक थे, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के बेहतरीन ब्रांड एंबेसडर भी रहे.”

“ब्रेट का प्रभाव आंकड़ों से कहीं आगे था. उन्होंने जिस तरह से खेला, विरोधियों के प्रति सम्मान दिखाया और अपने देश का प्रतिनिधित्व करने में गर्व महसूस किया, उससे उन्होंने दुनियाभर के प्रशंसकों को प्रेरित किया.
अब एक सम्मानित कमेंटेटर के रूप में, ली अपने अंतिम गेंद के बाद भी खेल और इसकी कम्युनिटी में योगदान दे रहे हैं. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट हॉल ऑफ फेम उन खिलाड़ियों का सम्मान करता है जिनके करियर ने खेल पर स्थायी छाप छोड़ी है.”

India Australia ODI Top 5 bowlers

• 1996: फ्रेड स्पॉफोर्थ, जॉन ब्लैकहैम, विक्टर ट्रम्पर, क्लैरी ग्रिमेट, बिल पोंसफोर्ड, सर डोनाल्ड ब्रैडमैन, बिल ओ’राइली, कीथ मिलर, रे लिंडवाल और डेनिस लिली

• 2000: वॉरविक आर्मस्ट्रांग, नील हार्वे और एलन बॉर्डर

• 2001: बिल वुडफुल और आर्थर मॉरिस

• 2002: स्टैन मैकेब और ग्रेग चैपल

• 2003: लिंडसे हैसेट और इयान चैपल

• 2004: ह्यू ट्रंबल और एलन डेविडसन

• 2005: क्लेम हिल और रॉड मार्श

• 2006: मोंटी नोबल और बॉब सिम्पसन

• 2007: चार्ल्स मैकार्टनी और रिची बेनॉड

• 2008: जॉर्ज गिफेन और इयान हीली

• 2009: स्टीव वॉ

• 2010: बिल लॉरी और ग्राहम मैकेंजी

• 2011: मार्क टेलर और डग वॉल्टर्स

• 2012: शेन वार्न

• 2013: चार्ली टर्नर और ग्लेन मैक्ग्रा

• 2014: मार्क वॉ और बेलिंडा क्लार्क

• 2015: एडम गिलक्रिस्ट और जैक राइडर

• 2016: जेफ थॉमसन और वॉली ग्राउट

• 2017: डेविड बून, मैथ्यू हेडन और बेट्टी विल्सन

• 2018: नॉर्म ओ’नील, रिकी पोंटिंग और करेन रोल्टन

• 2019: कैथरीन फिट्जपैट्रिक, डीन जोन्स और बिली मर्डोक

• 2020: शेरोन ट्रेड्रिया और क्रेग मैकडरमोट

• 2021: जॉनी मुल्लाघ (उनारिमिन), मर्व ह्यूजेस और लिसा स्थालेकर

• 2022: जस्टिन लैंगर और राएली थॉम्पसन

• 2023: मार्ग जेनिंग्स और इयान रेडपाथ

• 2024: माइकल हसी और लिन लार्सन

• 2025: माइकल क्लार्क, क्रिस्टीना मैथ्यूज और माइकल बेवन



Source link


Discover more from News Link360

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Discover more from News Link360

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading