पत्नी ने लिवर दान से किया इनकार, जान बचने के बाद पति पहुंचा कोर्ट, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
शादी को अक्सर भरोसे, साथ और हर मुश्किल में एक-दूसरे के लिए खड़े रहने का रिश्ता कहा जाता है. बीमारी आए तो जीवनसाथी सबसे बड़ा सहारा बनता है. लेकिन जब वही रिश्ता जिंदगी और मौत के मोड़ पर सवालों में घिर जाए, तो मामला सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज और सोशल मीडिया में बहस का बड़ा मुद्दा बन जाता है. दक्षिण कोरिया से सामने आई एक ऐसी ही कहानी इन दिनों चर्चा में है, जहां एक पति ने अपनी पत्नी पर जानबूझकर साथ छोड़ने का आरोप लगाया और उसे कोर्ट तक घसीट ले गया. वजह थी पत्नी का अपने पति को लिवर का हिस्सा दान करने से इनकार करना. यह मामला अब सिर्फ मेडिकल फैसला नहीं, बल्कि रिश्तों, मजबूरी, डर और नैतिक जिम्मेदारी को लेकर बड़ी बहस बन चुका है.
पति को हुई लीवर की गंभीर बीमारी, डॉक्टर्स ने ट्रांसप्लांट की दी सलाह
दक्षिण कोरिया के इस मामले में पति और पत्नी दोनों की उम्र 30 के आसपास बताई जा रही है. दोनों की शादी को तीन साल हो चुके थे और उनके दो छोटे बच्चे भी हैं. परिवार की जिंदगी सामान्य और खुशहाल चल रही थी, लेकिन पिछले साल सर्दियों में सब कुछ बदल गया. पति को एक दुर्लभ बीमारी प्राइमरी बिलियरी सिरोसिस का पता चला. डॉक्टरों ने साफ कहा कि अगर समय पर लिवर ट्रांसप्लांट नहीं हुआ, तो उसके पास सिर्फ करीब एक साल का समय बचा है.
पत्नी के लीवर से मैच हुआ 95 प्रतिशत हिस्सा
पति को तुरंत ट्रांसप्लांट लिस्ट में डाला गया. इस दौरान उसके माता-पिता ने इलाज पर जमकर पैसा खर्च किया और पत्नी भी लगातार उसकी देखभाल करती रही. बाहर से देखने पर सब कुछ ठीक लग रहा था, लेकिन असली चुनौती तब सामने आई जब डॉक्टरों ने बताया कि पत्नी का लिवर पति से 95 फीसदी से ज्यादा मेल खाता है. यह खबर परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं थी.
पत्नी ने लीवर का हिस्सा देने से किया इनकार
लेकिन कहानी ने यहीं से अलग मोड़ ले लिया. पत्नी ने डॉक्टरों और परिवार को बताया कि उसे सुई और नुकीली चीजों से बहुत ज्यादा डर लगता है. उसने इसे पैथोलॉजिकल फियर बताया और कहा कि वह लिवर दान कराने की सर्जरी नहीं करवा सकती. यह सुनकर पति और उसके परिवार को गहरा झटका लगा.
इसके बाद घर का माहौल पूरी तरह बदल गया. पति ने पत्नी की देखभाल पर तंज कसना शुरू कर दिया. उसने कहा कि उसकी सारी मेहनत बेकार है और अगर वह चाहती है तो सीधे उसे मार ही दे, क्योंकि वह उसे मरते हुए देखना चाहती है. पति के माता-पिता ने भी पत्नी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और उससे सवाल किया कि क्या वह अपने बच्चों के पिता को मरते हुए देखना चाहती है, जबकि उसे बचाने की ताकत उसके पास है.
यह भी पढ़ें: ये है दुनिया का सबसे महंगा क्रेडिट कार्ड, अरबों की खरीदी के लिए अमीर लोग करते हैं इस्तेमाल- अब हो रहा वायरल
पत्नी ने किया मना तो किस्मत ने ली करवट, ठीक होने पर पति ने किया पत्नी के खिलाफ केस
हालात इतने बिगड़ गए कि पत्नी मानसिक दबाव में आ गई. इसी बीच किस्मत ने करवट ली और एक ब्रेन डेड डोनर मिल गया. पति का लिवर ट्रांसप्लांट सफल रहा और उसकी जान बच गई. लगा कि अब मामला खत्म हो जाएगा, लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी. ठीक होने के बाद पति ने पत्नी के सुई और सर्जरी के डर की जांच शुरू की. उसे पता चला कि पत्नी पहले अपेंडिक्स की सर्जरी करवा चुकी थी और कई बार खून की जांच भी बिना किसी परेशानी के करा चुकी थी. इसके बाद पति ने पत्नी पर जानबूझकर उसे छोड़ने और मानसिक पीड़ा देने का आरोप लगाया और कोर्ट में केस दर्ज कर दिया.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है. कुछ लोग कह रहे हैं कि किसी को भी अपने शरीर का हिस्सा दान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. वहीं कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब बात पति की जान और बच्चों के भविष्य की हो, तो क्या डर को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. कुल मिलाकर सोशल मीडिया पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.
यह भी पढ़ें: शख्स ने खेला रियल लाइफ GTA! प्लेन से रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचा, फिर यूं किया टेकऑफ- वीडियो वायरल
Discover more from News Link360
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
