Lohri 2026: लोहड़ी कब ? इस त्योहार में क्यों जलाई जाती है अग्नि, जानें महत्व


Lohri 2026: जनवरी में तिल से त्योहार बहुत खास माने जाते हैं. हर साल मकर संक्रांति से एक दिन पहले 13 जनवरी को लोहड़ी उत्तर भारत में धूमधाम से मनाई जाती है. लोहड़ी के दिन सिख समुदाय  के लोग आग में तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली चढ़ाते हैं. आग के चारों तरफ चक्कर लगाकर सभी लोग अपने सुखी जीवन की कामना करते हैं. लोहड़ी का महत्व इसलिए बहुत ज्यादा बढ़ जाता है क्योंकि यह नई फसल के तैयार होने की ख़ुशी में मनाया जाता है.

लोहड़ी शुभ मुहूर्त

लोहड़ी के दिन सूर्यास्त का समय शाम को 5 बजकर 44 मिनट का रहेगा. ऐसे में सूर्यास्त से 2 घंटे की अवधि लोहड़ी और अग्नि के पूजन के लिए सबसे शुभ रहेगा.

लोहड़ी की अग्नि का महत्व

लोहड़ी पर शाम के समय लकड़ियां इकट्ठा कर के घर के आसपास चौराहे या खुली जगह पर अलाव जलाया जाता है. फिर उसके इर्दगिर्द नृत्य कर के नए फसल की खुशियां मनाते हैं. इस आग को अग्नि देव का स्वरूप माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार अग्नि को देवताओं का मुख माना जाता है. लोहड़ी की पवित्र अग्नि में नवीन फसलों को समर्पित करने का भी विधान है, जैसे तिल, मूंगफली, मिठाई के तौर पर रेवड़ी-गजक आदि आग्नि में अर्पित करने से यह देवताओं तक पहुंचती है, जो प्रार्थना, भोग और कृतज्ञता का प्रतीक है.

मान्यता है कि अग्नि देव और सूर्य को फसल समर्पित करने से उनके प्रति श्रद्धापूर्वक आभार प्रकट होता है ताकि उनकी कृपा से कृषि उन्नत और लहलहाता रहे. लोहड़ी एक तरह से प्रकृति की उपासना और आभार प्रकट करने का पर्व है. इस पर्व के दिन से रात छोटी होनी शुरू हो जाती है और दिन बड़े होते हैं.

लोहड़ी पर सुनाई जाती है दुल्ला भट्टी की कहानी

लोहड़ी पर दुल्ला भट्टी की कहानी सुनने का खास महत्व होता है. दरअसल, मुगल काल में अकबर के दौरान दुल्ला भट्टी पंजाब में ही रहता है. कहते हैं कि दुल्ला भट्टी ने पंजाब की लड़कियों की उस वक्त रक्षा की थी जब संदल बार में लड़कियों को अमीर सौदागरों को बेचा जा रहा था.

वहीं एक दिन दुल्ला भट्टी ने इन्हीं अमीर सौदागरों से लड़कियों को छुड़वाया था और तभी से इसी तरह दुल्ला भट्टी को नायक की उपाधि से सम्मानित किया जाने लगा और हर साल हर लोहड़ी पर ये कहानी सुनाई जाने लगी.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



Source link


Discover more from News Link360

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Discover more from News Link360

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading