CUET के जरिए जामिया में दाखिले शुरू, भाषा कोर्स करने वालों के लिए सुनहरा मौका; जानें डिटेल्स


दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दाखिले को लेकर अहम जानकारी जारी की है.अब जामिया में कई अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और डिप्लोमा कोर्सों में दाखिला CUET के जरिए दिया जाएगा. इस बार खास बात यह है कि यूनिवर्सिटी ने भाषा और साहित्य से जुड़े कोर्सों को प्राथमिकता दी है.

CUET के जरिए होगा एडमिशन

जामिया प्रशासन के मुताबिक, जिन कोर्सों को CUET के अंतर्गत लाया गया है, उनमें अब अलग से कोई प्रवेश परीक्षा नहीं होगी.छात्रों को CUET परीक्षा में शामिल होना होगा और उसी में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी. इसके बाद यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से काउंसलिंग और सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

भाषा कोर्सों पर खास फोकस

इस साल जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने भाषा और साहित्य के कोर्सों पर खास ध्यान दिया है. विश्वविद्यालय में अब छात्रों के लिए कई भाषाओं में पढ़ाई का मौका उपलब्ध है. इनमें फ्रेंच, स्पेनिश, तुर्की, कोरियन, अरबी, फारसी, उर्दू और हिंदी जैसी भाषाएँ शामिल हैं. इन भाषाओं में छात्र बीए ऑनर्स, एमए, डिप्लोमा और एडवांस डिप्लोमा जैसे कोर्स कर सकते हैं. इस पहल का उद्देश्य छात्रों को न सिर्फ भाषा सीखने का अवसर देना है, बल्कि उन्हें भविष्य में करियर के नए रास्ते भी खोलना है.

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पार्ट-टाइम और एडवांस डिप्लोमा का विकल्प

कामकाजी छात्रों और अन्य कोर्स कर रहे युवाओं को ध्यान में रखते हुए जामिया ने कई भाषा कोर्स पार्ट-टाइम मोड में भी शुरू किए हैं. इसके अलावा एडवांस डिप्लोमा कोर्स भी उपलब्ध होंगे, जिससे छात्र अपनी भाषा स्किल को और मजबूत बना सकें.

UG, PG और अन्य कोर्स भी शामिल

CUET के माध्यम से सिर्फ भाषा कोर्स ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य विषयों के कोर्सों में भी दाखिला मिलेगा. इनमें अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट स्तर के साथ-साथ प्रोफेशनल और स्पेशल डिप्लोमा कोर्स भी शामिल हैं. हर कोर्स के लिए योग्यता और विषयों की शर्तें अलग-अलग तय की गई हैं.

योग्यता और चयन प्रक्रिया

दाखिले के लिए छात्रों को संबंधित कोर्स की योग्यता शर्तें पूरी करनी होंगी. अधिकतर कोर्सों में 12वीं पास होना जरूरी है, जबकि पीजी कोर्सों के लिए ग्रेजुएशन की डिग्री मांगी जाएगी. चयन पूरी तरह CUET स्कोर और मेरिट के आधार पर होगा.भाषा कोर्स करने से छात्रों को ट्रांसलेशन, इंटरप्रिटेशन, मीडिया, डिप्लोमैसी और इंटरनेशनल जॉब्स जैसे क्षेत्रों में बेहतर अवसर मिलते हैं. जामिया का यह कदम उन छात्रों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है जो भविष्य में भाषा आधारित करियर बनाना चाहते हैं.

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