गांव से वर्दी तक का सफर, पढ़ें दो बार UPSC पास करने वाले IPS अर्पित जैन की कहानी


सफलता का रास्ता कभी सीधा और आसान नहीं होता, लेकिन अगर इंसान सही दिशा में मेहनत करे और अपने इरादों पर डटा रहे, तो मंज़िल जरूर मिलती है. ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है अर्पित जैन की, जिन्होंने डॉक्टर बनने के बाद देश की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाने वाली यूपीएससी सिविल सेवा को न सिर्फ पास किया, बल्कि दो बार सफलता हासिल की. आज वह भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी हैं और अपने काम के साथ-साथ अपनी सोच और अनुभवों के कारण भी चर्चा में रहते हैं.

अर्पित जैन का जन्म मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव मक्सी में हुआ. उनका बचपन साधारण हालातों में बीता. परिवार में शिक्षा को हमेशा अहम माना गया, लेकिन सुविधाएं सीमित थीं. अर्पित मानते हैं कि हालात चाहे जैसे हों, अगर मन में लक्ष्य साफ हो और जीवन में अनुशासन हो, तो रास्ते खुद बनते चले जाते हैं. गांव के माहौल में पले-बढ़े अर्पित ने शुरू से ही मेहनत और ईमानदारी को अपनी ताकत बनाया.

कक्षा आठवीं के बाद उनकी जिंदगी में एक बड़ा बदलाव आया. बेहतर पढ़ाई के लिए उन्हें घर छोड़कर भोपाल जाना पड़ा, जहां वे रिश्तेदारों के साथ रहने लगे. यह उनके जीवन का पहला मौका था, जब उन्होंने घर से दूर रहकर खुद को संभालना सीखा. नए शहर, नई जिम्मेदारियां और अपने फैसलों पर खड़े होने का अनुभव उनके लिए एक टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ. यहीं से उनके भीतर आत्मनिर्भर बनने की भावना और मजबूत हुई.

यहां से की है पढ़ाई

पढ़ाई में मेहनत का नतीजा यह रहा कि अर्पित जैन ने देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने एमडी भी किया. डॉक्टर के रूप में पढ़ाई और ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने समाज को बहुत करीब से देखा. अस्पतालों में इलाज के दौरान उन्होंने महसूस किया कि कई बीमारियों और परेशानियों की जड़ें केवल शरीर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके पीछे सामाजिक और प्रशासनिक कारण भी होते हैं.

यहीं से उनके सोचने का नजरिया बदला. उन्हें लगने लगा कि अगर समाज में सही और बड़े स्तर पर बदलाव लाना है, तो केवल इलाज करना काफी नहीं है. इसके लिए नीतियों, व्यवस्था और प्रशासन में सुधार जरूरी है. इसी सोच ने उन्हें सिविल सेवा की ओर मोड़ा. डॉक्टर की सुरक्षित और सम्मानित राह छोड़कर उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का कठिन रास्ता चुना.

तैयारी आसान नहीं थी 

यूपीएससी की तैयारी आसान नहीं थी. लंबा सिलेबस, कड़ी प्रतिस्पर्धा और मानसिक दबाव सब कुछ सामने था. लेकिन अर्पित जैन ने हार नहीं मानी. उन्होंने पूरी योजना के साथ पढ़ाई की, नियमित अभ्यास किया और खुद पर भरोसा बनाए रखा. उनकी मेहनत रंग लाई और वर्ष 2014 में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर 194वीं रैंक हासिल की. इसी के साथ वे भारतीय पुलिस सेवा में चुने गए.

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