AI से SaaS कंपनियों का संकट, Anthropic टूल से बाजार में हलचल
दरअसल, एक एआई कंपनी Anthropic (एन्थ्रोपिक) ने अपने एंटरप्राइज यूजर्स के लिए ऐसा टूल बाजार में उतार दिया है, जो कई सारे काम अपने आप सकता है. उसके लिए किसी सॉफ्टवेयर की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. पहले कंपनियां अलग-अलग सॉफ्टवेयर बनाती और बेचती थीं, जैसे कोई हिसाब-किताब करने के लिए, कोई ईमेल के लिए और कोई ऑफिस के काम करने के लिए. ये सॉफ्टवेयर कर्मचारियों की मदद करते थे. लेकिन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इतना समझदार हो गया है कि वह कई सॉफ्टवेयर का काम अकेले ही करने लगा है. ऐसे में. अगर एक ही AI बहुत सारे काम खुद करने लगेगा, तो बाकी सॉफ्टवेयर की जरूरत ही नहीं रहेगी. इसी बात से बड़ी-बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियां और उन्हें पैसे देने वाले लोग घबरा गए हैं. उन्हें लगने लगा है कि कहीं उनका सॉफ्टवेयर बेकार न हो जाए.
Anthropic ने अपने क्लॉड कोवर्क (Claude Cowork) नाम के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहायक के लिए एक-दो नहीं, बल्कि 11 नए प्लग-इन (plugins) लॉन्च किए हैं. आसान शब्दों में कहें तो यह एक ऐसा स्मार्ट टूल है, जिसे चलाने के लिए किसी तरह की कोडिंग सीखने की जरूरत नहीं है. इसे इस तरह बनाया गया है कि कंपनियों के रोजमर्रा के दफ्तर के काम आसान हो जाएं. खास बात यह है कि यह एआई सिर्फ इंसानों की मदद नहीं करता, बल्कि कई ऐसे काम खुद कर सकता है, जिन्हें पहले या तो लोग कर रहे थे, या अलग-अलग सॉफ्टवेयर. जैसे ही इसकी जानकारी Anthropic की वेबसाइट पर आई, अमेरिका में शेयर बाजार खुलने से पहले ही निवेशकों को चिंता होने लगी. ब्लूमबर्ग के मुताबिक, खासतौर पर कानून से जुड़े कामों वाले फीचर्स ने लोगों को सबसे ज्यादा डराया.
भला क्या नहीं कर सकता ये टूल!
इस टूल का सबसे अहम हिस्सा है क्लॉड लीगल एजेंट (Claude Legal agent). यह एआई कानूनी कागजात पढ़ सकता है, नियमों की जांच कर सकता है और लीगल ड्राफ्ट तक तैयार कर सकता है. हालांकि, कंपनी ने यह भी कहा है कि All outputs should be reviewed by licensed attorneys, यानी AI जो भी तैयार करे, उसे किसी योग्य वकील द्वारा जांचा जाना चाहिए. मगर, मार्केट को डर इस बात का लगा कि अगर AI इतने सारे कानूनी काम, जोकि बेहद पेचीदा होते हैं, खुद करने लगेगा, तो कई लीगल और सॉफ्टवेयर कंपनियों की जरूरत कम हो सकती है. इतना ही नहीं, यह एआई अब सेल्सफोर्स (Salesforce) और सर्विसनाउ (ServiceNow) जैसे बड़े सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म की मदद लिए बिना भी कई काम सीधे कर सकता है.
वेबसाइट बताती है कि इसके अलग-अलग प्लग-इन अलग-अलग डिपार्टमेंट्स के लिए बनाए गए हैं. कामकाज प्रबंधन (Productivity) प्लग-इन रोज के काम संभालता है, दिन की प्लानिंग बनाता है और पुराने कामों की जानकारियां याद रखता है. उत्पाद प्रबंधन (Product Management) प्लग-इन नए फीचर्स की जानकारी लिखता है, आगे की योजना बनाता है और यूजर रिसर्च को आसान भाषा में समझाता है.
मार्केटिंग (Marketing) प्लग-इन कंटेंट बनाता है, प्रचार के लिए कैंपेन की प्लानिंग करता है और उनके आउटकम या नतीजों को समझता है. कानूनी (Legal) प्लग-इन कॉन्ट्रैक्ट देखने और नियमों की जांच करता है. वित्त (Finance) प्लग-इन हिसाब-किताब, मिलान और फाइनेंशियल रिपोर्ट तैयार करने में मदद करता है. वहीं डेटा (Data) प्लग-इन डेटा से जानकारी निकालता है, एसक्यूएल (SQL) लिख सकता है और आसान डैशबोर्ड व चित्रों के जरिए सब कुछ समझा देता है.
शेयर बाजार में दिखा डर
जैसे ही कंपनी ने इन प्लग-इन का ऐलान किया, इसका असर बाजार पर तुरंत दिखा. Bloomberg के मुताबिक, Goldman Sachs के अमेरिकी सॉफ्टवेयर स्टॉक्स के बास्केट में 6% की गिरावट आई, जो अप्रैल के बाद सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट थी. करीब 285 अरब डॉलर की मार्केट वैल्यू साफ हो गई. 3 फरवरी, मंगलवार को नैस्डैक 350 अंकों से ज्यादा टूट गया. इसका असर भारत तक पहुंचा. US में लिस्टेड भारतीय आईटी कंपनियों के ADR में इंफोसिस करीब 6% और विप्रो लगभग 5% टूटे. एक्सेंचर (Accenture) और कॉन्गनिजेंट (Cognizant) में तो 10% तक की गिरावट देखी गई.
सबसे बड़ी चोट पड़ी लीगल और डेटा सर्विस देने वाली कंपनियों पर. लीगलज़ूम (LegalZoom) के शेयर 20% तक गिर गए, थॉमसन रायटर्स (Thomson Reuters) 15% से ज्यादा टूटा और LexisNexis की मालिकाना कंपनी RELX के शेयर 14% गिर गए. CNBC-TV18 के मुताबिक, निवेशकों को लगने लगा कि एआई अब सहायक नहीं, बल्कि विकल्प बनता जा रहा है.
यह साल तय करेगा, कौन बनेगा, कौन मिटेगा!
निवेश और शेयर बाजार से जुड़ी कंपनी जेफरीज (Jefferies) ने इस पूरी स्थिति को एक नया नाम दिया -सासपोकैलिप्स. जेफरीज की इक्विटी ट्रेडिंग डेस्क पर काम करने वाले जेफ्री फावुज़ा (Jeffrey Favuzza) ने ब्लूमबर्ग से बातचीत में कहा, यह सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए किसी बड़े संकट जैसा है. उन्होंने माना कि बाजार का माहौल ऐसा हो गया है जैसे निवेशक बस यही कह रहे हों कि ‘हमें यहां से निकलना है’, यानी लोग तेजी से शेयर बेच रहे हैं.
वहीं, ब्लू व्हेल ग्रोथ फंड (Blue Whale Growth Fund) के मुख्य निवेश अधिकारी स्टीफन यू (Stephen Yiu) ने इस साल को बेहद अहम बताया. उन्होंने कहा, यह साल तय करेगा कि कौन-सी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से फायदा उठाएंगी और कौन इसकी वजह से नुकसान झेलेंगी. उनके मुताबिक, सबसे जरूरी समझ यह होगी कि नुकसान उठाने वाली कंपनियों से कैसे दूरी बनाई जाए और सही कंपनियों को कैसे पहचाना जाए.
Discover more from News Link360
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
