आपका स्‍मार्टफोन सुन रहा है आपकी बातें! बचानी है प्राइवेसी तो तुरंत करें ये काम


नई दिल्‍ली. आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन हर किसी की जेब में है. यह साये की तरह हमेशा हमारे साथ ही रहता है. लेकिन, क्‍या आप जानते हैं कि आपकी जेब में रखा फोन एक ऐसा जासूस है जो आपकी हर हरकत और हर लोकेशन पर नजर रख रहा है. अगर आपके पास आईफोन है और इस मुगालते में है कि इससे आपकी जासूसी नहीं हो सकती तो जरा सचेत हो जाएं. एंड्रॉयड हो या आईओएस, हर स्‍मार्टफोन से आपके जीवन में झांका जा सकता है. कई बार आपको महसूस होता होगा कि आपने किसी चीज के बारे में बात की और चंद मिनटों बाद उसका विज्ञापन आपके सोशल मीडिया पर आ गया. यह कोई जादुई संयोग नहीं, बल्कि डेटा की वह गहरी निगरानी है जिसके जरिए टेक कंपनियां आपके निजी जीवन का प्रोफाइल तैयार कर रही हैं.

यदि आप अपनी डिजिटल पहचान और प्राइवेसी को लेकर गंभीर हैं, तो तुरंत संभल जाएं और अपनी फोन की कुछ सेटिंग्‍स को तुरंत बदल दें. ऐसा नहीं है कि आपके हाथ में अपना डेटा या अपनी पसंद-नापसंद किसी दूसरे को जानने से रोकने का कोई उपाय नहीं है. आपके स्‍मार्ट फोन में ही ऐसे फीचर्स हैं, जिनकी मदद से आप खुद को डिजिटल दुनिया में ‘अदृश्‍य’ रख सकते हैं. लेकिन, अधिकतर यूजर्स इन सेफ्टी फीचर्स का इस्‍तेमाल ही नहीं करते.

लोकेशन और मूवमेंट ट्रैकिंग को रोकें

आपका आईफोन (iPhone) हो या एंड्रॉयड (Android), यह आपके हर ठिकाने का रिकॉर्ड रखता है. जिम, ऑफिस से लेकर आपकी गुप्त जगहों तक. आईओएस (iOS) यूजर्स Settings → Privacy → Location Services → System Services → Significant Locations पर जाएं. यहां से हिस्ट्री डिलीट करें और इसे बंद कर दें. आपकी लोकेशन ट्रैक होना बंद हो जाएगी.

आपके फोन का नाम (जैसे: ‘Vimal iPhone’) 50 फीट के दायरे में मौजूद हर सार्वजनिक स्कैनर को पता चल जाता है. इसे बदलकर “System-Error-404” या “Pixel-Null” जैसा कुछ सामान्य रख दें ताकि किसी अजनबी को आपकी असली पहचान न मिले.

सेंसर्स और माइक्रोफोन पर लगाम

अक्सर ऐप्स 24/7 आपके माइक्रोफ़ोन का उपयोग करते हैं. विज्ञापनों का तुरंत दिखना ‘अल्ट्रासोनिक क्रॉस-डिवाइस पिंग’ का नतीजा हो सकता है, जहां आपका फोन ऐसी आवाजें निकालता है जो इंसान नहीं सुन सकते, लेकिन आपका स्मार्ट टीवी और लैपटॉप सुन लेते हैं. आईओएस यूजर अपने प्राइवेसी डैशबोर्ड पर जाएं. यदि किसी गेम या कैलकुलेटर ऐप को माइक्रोफ़ोन एक्सेस की जरूरत है तो उसे तुरंत ब्लॉक करें. अन्य ऐप्स के लिए “सिर्फ ऐप इस्तेमाल करते समय” का विकल्प चुनें.

फोटो से न होने दें जासूसी

जब आप सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट करते हैं तो उस फोटो के साथ आपके घर का सटीक पता (लोकेशन डेटा) भी चला जाता है. फोटो शेयर करने से पहले सेटिंग्स में जाकर ‘लोकेशन मेटाडेटा’ को डिसेबल करें.

ट्रैकिंग और एडवर्टाइजिंग आईडी को करें रिसेट

आपकी ‘विज्ञापन आईडी’ (Advertising ID) एक डिजिटल फिंगरप्रिंट है जो विभिन्न ऐप्स पर आपके व्यवहार को आपस में जोड़ती है. प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर ‘Reset Advertising Identifier’ पर क्लिक करें. इसे महीने में कम से कम एक बार जरूर करें.

ऐप ट्रैकिंग

ऐपल आपको “Apps को ट्रैक न करने का अनुरोध” करने का विकल्प देता है. सुनिश्चित करें कि Settings → Privacy → Tracking में यह विकल्प हमेशा ‘Off’ रहे.

इंटरनेट ब्राउजिंग और बैकग्राउंड डेटा

आपका इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP) यह देखता है कि आप कौन सी वेबसाइट देख रहे हैं और कई बार इस डेटा को बेचा भी जाता है. सफारी (Safari) और क्रोम (Chrome) डेटा इकट्ठा करने वाली कंपनियों के ही उत्पाद हैं. इनके बजाय Brave या DuckDuckGo ब्राउज़र का उपयोग करें, जो ट्रैकर्स को डिफ़ॉल्ट रूप से ब्लॉक करते हैं.

बैकग्राउंड रिफ्रेश

जब आप सोते हैं तब भी ऐप्स आपके बैटरी लेवल और लोकेशन की जानकारी भेजते रहते हैं. इसे Settings → General में जाकर Background App Refresh को पूरी तरह बंद कर दें. इससे आपकी प्राइवेसी के साथ-साथ बैटरी भी बचेगी.

कीबोर्ड और मेल की जासूसी

आपका फोन आपकी बोलचाल की भाषा और आपके पासवर्ड भी सीखता है ताकि टाइपिंग तेज हो सके, लेकिन यह ‘लर्निंग फाइल’ किसी हैकर के लिए खजाना हो सकती है. समय-समय पर Settings → General → Transfer or Reset में जाकर Keyboard Dictionary को रिसेट करें. मार्केटर्स ईमेल में ‘ट्रैकिंग पिक्सल’ छिपाते हैं जिससे उन्हें पता चलता है कि आपने मेल कब और कहाँ खोला. मेल सेटिंग्स में जाकर ‘Protect Mail Activity’ चालू करें, यह आपके आईपी एड्रेस को छुपा देता है.

नेटवर्क और सिम कार्ड सेफ्टी

हैकर्स अक्सर ‘स्टारबक्स-गेस्ट’ जैसे नकली वाई-फाई नेटवर्क बनाकर आपका डेटा चुराते हैं. वाई-फाई सेटिंग्स में ‘Auto-Join Hotspot’ को डिसेबल करें ताकि आपका फोन अनजाने में असुरक्षित नेटवर्क से कनेक्ट न हो. अगर फोन चोरी हो जाए, तो चोर आपके सिम को दूसरे फोन में डालकर ओटीपी (OTP) हासिल कर सकता है. Settings → Cellular → SIM PIN पर जाकर 4 अंकों का कोड सेट करें. इससे दूसरे फोन में सिम चालू करने पर कोड की जरूरत होगी.



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