समिट का सबसे खास हिस्सा ‘YUVAi’ ग्लोबल यूथ चैलेंज है. यह युवाओं को AI के क्षेत्र में आगे लाने का एक बड़ा मंच है, जहां 13 से 21 साल के छात्र और युवा पेशेवर अपनी क्रिएटिव आइडियाज पेश कर रहे हैं. इस चैलेंज में 38 से ज्यादा देशों से 2,500 से अधिक आवेदन आए थे.
कई दौर की कड़ी चुनौती के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने टॉप 20 फाइनलिस्ट टीमों का चयन किया, जिनमें से 15 भारतीय हैं. ये युवा प्रतिभाएं अब वैश्विक मंच पर अपने इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स दिखा रही हैं.
इन फाइनलिस्ट प्रोजेक्ट्स में AI का इस्तेमाल कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हो रहा है-जैसे सार्वजनिक स्वास्थ्य में मलेरिया डिटेक्शन सिस्टम, सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग टूल्स, ग्रामीण इलाकों के लिए टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म; कृषि में क्रॉप मॉनिटरिंग और पशुधन एनालिसिस; जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वन अग्नि और बाढ़ की अर्ली वार्निंग सिस्टम; साथ ही डीपफेक डिटेक्शन, दृष्टिबाधितों के लिए सहायक तकनीक, स्पीच इंपेयरमेंट वाले लोगों के लिए वियरेबल AI डिवाइस और स्मार्ट मोबिलिटी सॉल्यूशंस.
लाखों का है इनाम?
ये प्रोजेक्ट्स दिखाते हैं कि AI कैसे असल जिंदगी की समस्याओं को हल कर सकता है.पुरस्कारों की बात करें तो टॉप तीन फाइनलिस्ट को 15-15 लाख रुपये, अगले तीन को 10-10 लाख रुपये मिलेंगे. इसके अलावा दो स्पेशल अवॉर्ड्स भी 5-5 लाख रुपये के हैं. कुल मिलाकर युवा इनोवेटर्स को लाखों का प्रोत्साहन और ग्लोबल रिकग्निशन मिल रहा है.समिट की शोभा बढ़ाने वाले मेहमानों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हैं, जो इसका उद्घाटन कर रहे हैं.
उम्मीद है कि 15-20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 50 से ज्यादा मंत्री और 40 से अधिक बड़े CEO यहां मौजूद होंगे. प्रमुख नामों में Google के CEO सुंदर पिचाई, OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन, Biocon की चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ और अन्य टेक लीडर्स शामिल हैं.
यह आयोजन न सिर्फ चर्चा का मंच है, बल्कि AI के भविष्य के लिए ठोस एक्शन प्लान बनाने का अवसर भी प्रदान कर रहा है.भारत इस समिट के जरिए AI को इंसानियत, समावेशी विकास और सस्टेनेबल फ्यूचर के लिए इस्तेमाल करने का संदेश दे रहा है. युवाओं की भागीदारी और वैश्विक लीडर्स की मौजूदगी इसे एक यादगार इवेंट बना रही है.
(इनपुट-आईएएनएस से)
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