ये टिप्स महिलाओं को आम समस्याओं जैसे वजन का असंतुलन, विजिबिलिटी की कमी और लंबे समय तक चलने वाली थकान से निपटने में मदद करेंगे. एक्सपर्ट्स की सलाह पर तैयार ये पांच सरल लेकिन पावरफुल टिप्स आपको शहर की ट्रैफिक में आसानी, आत्मविश्वास और खुशी के साथ चलने में मदद करेंगे. आइए इनके बारे में एक-एक करके जान लेते हैं.
1. सही फिटिंग वाले प्रोटेक्टिव गियर खरीदें
सेफ्टी गियर पर कभी समझौता न करें. ISI सर्टिफाइड हेलमेट चुनें जो कान और माथे पर दबाव न डाले. लंबे बालों के लिए सिल्क अंडर-कैप इस्तेमाल करें ताकि बाल उलझें नहीं. फुल-स्लीव राइडिंग जैकेट लें जिसमें कमर और बाजू एडजस्ट हो सके, पैडेड ग्लव्स जो फिसलें नहीं, घुटनों तक राइडिंग पैंट और एंकल कवरिंग बूट्स जरूर खरीदें.
अब महिलाओं के लिए खास डिजाइन किए गए गियर उपलब्ध हैं जो फिट रहते हैं. साड़ी, दुपट्टा या लूज कुर्ता बिल्कुल न पहनें क्योंकि हवा में फड़फड़ा कर एक्सीडेंट का कारण बन सकते हैं. सही गियर धूल, बारिश और रोड रैश से बचाता है और तुरंत कॉन्फिडेंस बढ़ाता है। हर राइड से पहले पहनना इसे अनिवार्य रूटीन बना लें.
2. बाइक कस्टमाइज करें
ज्यादातर बाइक्स औसत पुरुष की हाइट और रीच को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं. इसलिए अपनी बॉडी के अनुसार एडजस्ट करें. सीट को इतना नीचा करें कि सिग्नल पर दोनों पैर जमीन पर पूरी तरह सपाट टिक सकें. रियर व्यू मिरर को थोड़ा नीचे की तरफ टिल्ट करें ताकि गर्दन न दर्द करे.
अगर बाइक भारी लगे तो लाइट स्कूटर में स्विच करें जिसमें स्टेप-थ्रू फ्रेम हो. दिल्ली-एनसीआर के ट्रैफिक के लिए वही परफेक्ट है. हैंडलबार पोजीशन चेक करें ताकि कोहनियां हल्की मुड़ी रहें. आरामदायक पोस्चर पीठ दर्द, कंधे की जकड़न और 40-50 किमी रोजाना कम्यूटिंग में थकान रोकता है. अगर आप आराम के साथ राइडिंग करेंगे, तो पूरा कंट्रोल भी बना रहेगा.
3. डिफेंसिव राइडिंग का अभ्यास करें
भारतीय सड़कें हर सेकंड सब्र की परीक्षा लेती हैं. आगे वाली गाड़ी से 2 सेकंड का गैप रखें, ऑटो या कार के अचानक लेन चेंज का अंदाजा लगाएं और टर्न लेने से 5 सेकंड पहले सिग्नल दें. बस और ट्रक के ब्लाइंड स्पॉट से दूर रहें. रेड लाइट पर सामने लेकिन सुरक्षित जगह पर पोजीशन करें. फोन कॉल या लाउड म्यूजिक से बचें.
4. 60 सेकंड का प्री-राइड सेफ्टी चेक
स्टार्टर ऑन करने से पहले 60 सेकंड निकालकर अपने दोपहिया वाहन की जांच करें. टायर प्रेशर चेक करें, ब्रेक लीवर का फ्री प्ले, हेडलाइट, इंडिकेटर और हॉर्न काम कर रहे हैं या नहीं. ऑयल लीक, ढीले मिरर या चेन स्लैक देखें. फ्यूल पर्याप्त हो और साइड स्टैंड पूरी तरह ऊपर हो. सीट स्टोरेज में छोटा टूलकिट, पंक्चर किट और चार्ज्ड पावर बैंक रखें. मानसून या कोहरे में मिरर साफ करें. ये छोटी आदत 90% सड़क किनारे ब्रेकडाउन रोक देती है और आपको टेंशन-फ्री रखती है.
5. शारीरिक फिटनेस और मानसिक कॉन्फिडेंस बनाए रखें
राइडिंग उतनी ही मानसिक है, जितनी शारीरिक है. कोर स्ट्रेंथ के लिए प्लैंक और योग करें, हल्के डंबल से बाजू-कंधे मजबूत करें और बैलेंस एक्सरसाइज करें. गर्मी में पानी की छोटी बोतल साथ रखें और हर 30 मिनट में घूंट लें. अच्छी नींद लें क्योंकि थकान एक्सीडेंट का सबसे बड़ा कारण है.
हमारे ये 5 जरूरी टिप्स आपको डेली राइडिंग में काफी मदद करेंगे. सेफ्टी गियर्स और हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाना बहुत जरूरी है. इसके अलावा अगर आप टू-व्हीलर पर किसी पिलियन को बैठाते हैं, तो उसे हेलमेट जरूर पहनाएं.
Discover more from News Link360
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
