न्यू रेनो डस्टर का डिजाइन पूरी तरह से नया है, जो ग्लोबल थर्ड-जनरेशन मॉडल पर आधारित है. ये बॉक्सी और मस्कुलर एसयूवी स्टांस वाली है, जिसमें हाई बोनट लाइन, मजबूत व्हील आर्चेस, एलईडी डीआरएल के साथ यूनिक सिग्नेचर, बोल्ड ग्रिल पर ‘डस्टर’ बैजिंग और फंक्शनल रूफ रेल्स हैं. इसका प्रोफाइल क्लीन है. लंबाई 4343 मिमी है, जो हाइराइडर से थोड़ी कम है.
वहीं, टोयोटा हाइराइडर का डिजाइन अधिक मॉडर्न और क्रॉसओवर-स्टाइल है. इसमें स्प्लिट हेडलैंप्स, क्रोम एक्सेंट्स, स्लीक ग्रिल और एलईडी टेललैंप्स हैं. ये अर्बन यूजर्स को अपील करती है, लेकिन डस्टर जितनी रग्ड नहीं है. हाइराइडर की लंबाई 4365 मिमी है, जो डस्टर से ज्यादा है, लेकिन चौड़ाई और ऊंचाई में दोनों लगभग बराबर हैं.
इंटीरियर डिटेल
डस्टर का इंटीरियर भारत के लिए पूरी तरह से रीडिजाइन्ड है, जिसमें बॉक्सी डैशबोर्ड, हार्ड-वेयरिंग प्लास्टिक्स और रग्ड फील है. इसमें 10.1-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट, 10.25-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वेंटिलेटेड सीट्स, प्रीमियम एकॉस्टिक्स, मॉड्यूलर स्टोरेज और स्पेसियस केबिन है. ये रूमियर और प्रैक्टिकल है, जो फैमिली यूज के लिए सूट करता है.
टोयोटा हाइराइडर का इंटीरियर टेक-रिच है, जिसमें 9-इंच इंफोटेनमेंट, हेड्स-अप डिस्प्ले, वेंटिलेटेड सीट्स और स्पेसियस रियर सीट्स हैं. ये अधिक प्रीमियम फील देता है, लेकिन डस्टर जितना मॉड्यूलर स्टोरेज नहीं है. दोनों में बूट स्पेस लगभग 400-450 लीटर है, लेकिन डस्टर का केबिन ज्यादा कम्फर्टेबल लगता है.
फीचर्स में कौन बेहतर?
डस्टर फीचर-रिच है, जिसमें 10.1-इंच टचस्क्रीन वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो/एपल कारप्ले, वायरलेस चार्जर, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, पावर्ड टेलगेट, 6-वे पावर्ड और वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, 48-कलर एम्बिएंट लाइटिंग, कीलेस एंट्री, मल्टी-ड्राइव मोड्स और पैनोरामिक सनरूफ शामिल हैं. इसमें लेवल 2 एडास भी है, जो इसे एडवांस्ड बनाता है.
हाइराइडर में पैनोरामिक सनरूफ, वायरलेस चार्जिंग, 360-डिग्री कैमरा, HUD, वेंटिलेटेड सीट्स और 9-इंच इंफोटेनमेंट है. हालांकि, ये लेवल 2 एडास और हेड-अप डिस्प्ले जैसे कुछ फीचर्स में पीछे है. दोनों ही कारें कनेक्टेड टेक ऑफर करती हैं, लेकिन ज्यादा वैल्यू डस्टर देती है.
सेफ्टी में कौन अव्वल?
दोनों कारों में अच्छे सेफ्टी फीचर्स हैं. डस्टर में 6 एयरबैग्स, एबीएस के साथ ईबीडी, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, रियर पार्किंग सेंसर्स, आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट एंकरेज, 360-डिग्री कैमरा, ऑटो हेडलैंप्स और रेन-सेंसिंग वाइपर्स हैं. इसमें लेवल 2 एडास जैसे एडाप्टिव क्रूज कंट्रोल और लेन कीप असिस्ट भी हैं.
हाइराइडर में भी 6 एयरबैग्स, एबीएस, ईएससी, हिल होल्ड, टीपीएमएस, 360 कैमरा और आईएसओफिक्स हैं. दोनों की बॉडी स्ट्रक्चर मजबूत है, लेकिन डस्टर का नया सीएमएफ-बी प्लेटफॉर्म ज्यादा स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ देता है. सेफ्टी में डस्टर थोड़ा आगे नजर आ रही है.
इंजन और परफॉर्मेंस
डस्टर का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन 1.8-लीटर पेट्रोल (109 hp) के साथ दो इलेक्ट्रिक मोटर्स और 1.4 kWh बैटरी है, जो कुल 160 hp और 172 Nm टॉर्क देता है. ये ई-सीवीटी गियरबॉक्स के साथ आती है, जो बेहतर एक्सीलरेशन (0-100 km/h में लगभग 10 सेकंड्स) देता है.
हाइराइडर में 1.5-लीटर माइल्ड हाइब्रिड (102 hp) या स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड (92 hp पेट्रोल + इलेक्ट्रिक, कुल लगभग 114 hp और 122 Nm) है. इसका माइलेज 27 kmpl तक है, लेकिन परफॉर्मेंस डस्टर से कम (0-100 km/h में 12.4 सेकंड्स) है. हाइराइडर एफिशिएंसी में बेहतर है, लेकिन पावर और टॉर्क में पीछे.
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