सभी मोटर चालकों को अब टोल और राजमार्ग चौकियों पर सरकार द्वारा जारी वैध आईडी-आधार, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट की आवश्यकता होगी। किसी को न दिखाने पर जुर्माना लगाया जा सकता है या यात्रा से इनकार किया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य जवाबदेही में सुधार करना और अवैध परिवहन गतिविधि पर अंकुश लगाना है।
केवल कैशलेस टोल भुगतान
टोल प्लाजा अब नकद स्वीकार नहीं करेंगे। FASTag, UPI, डेबिट कार्ड या अन्य डिजिटल मोड अब अनिवार्य हैं। बिना FASTag वाले वाहन अभी भी डिजिटल रूप से भुगतान कर सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों के नियम 14 के तहत उन्हें अधिक टोल शुल्क या जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।यह कदम भीड़भाड़ को कम करने, यातायात में तेजी लाने और राजस्व रिसाव में कटौती करने के लिए बनाया गया है।
आकस्मिक वाहन जांच
राजमार्ग गश्ती दल बीमा, पंजीकरण और प्रदूषण प्रमाणपत्रों की यादृच्छिक जांच करेंगे। सरकार को उम्मीद है कि इससे राजमार्गों पर केवल सड़क पर चलने योग्य, कानूनी रूप से अनुपालन करने वाले वाहन ही चलेंगे, सुरक्षा में सुधार होगा और दुर्घटना के जोखिम कम होंगे।
निगरानी बढ़ाई गई
टोल प्लाजा और प्रमुख जंक्शनों को सीसीटीवी कैमरे और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) सिस्टम मिलेंगे। डिजिटल भुगतान के साथ एकीकृत, ये वाहन की गतिविधियों को ट्रैक करेंगे, उल्लंघनों का पता लगाएंगे और योजना और प्रवर्तन के लिए डेटा प्रदान करेंगे।
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