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Smriti Mandhana MissesTest Century: इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में भारतीय स्टार ओपनर स्मृति मंधाना महज 13 रन से अपने टेस्ट करियर का तीसरा शतक चूक गईं. मंधाना ने 108 गेंदों पर 11 चौकों और 1 छक्के की मदद से 83 रनों की शानदार पारी खेली, जिसके बाद इस्सी वोंग ने उन्हें आउट किया. अपनी इस पारी के दौरान मंधाना ने जेमिमा के साथ 64 और कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ चौथे विकेट के लिए 89 रनों की अहम साझेदारी कर टीम इंडिया को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.
स्मृति मंधाना 13 रन से अपना शतक चूक गईं.
नई दिल्ली. भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच चल रहे एकमात्र टेस्ट मैच में स्मृति मंधाना ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई. हालांकि, वह बेहद दुर्भाग्यशाली रहीं और महज 13 रन से अपने टेस्ट करियर का तीसरा शतक लगाने से चूक गईं. शानदार बल्लेबाजी कर रहीं मंधाना को 83 रन के निजी स्कोर पर इंग्लैंड की तेज गेंदबाज इस्सी वोंग ने विकेटकीपर के हाथों कैच कराया. भले ही वह शतक पूरा नहीं कर सकीं, लेकिन उनकी इस पारी ने भारतीय टीम को एक बेहद मजबूत स्कोर की ओर अग्रसर कर दिया.
स्मृति मंधाना (Mandhana) ने आउट होने से पहले इंग्लिश गेंदबाजों के सामने डटकर बल्लेबाजी की. उन्होंने मैदान के चारों ओर बेहतरीन शॉट्स खेले. मंधाना ने अपनी 83 रनों की सूझबूझ भरी पारी के दौरान 108 गेंदों का सामना किया, जिसमें उन्होंने 11 शानदार चौके और 1 गगनचुंबी छक्का भी जड़ा. उनकी इस पारी ने मैच पर भारतीय टीम की पकड़ को मजबूत करने का काम किया.
स्मृति मंधाना 13 रन से अपना शतक चूक गईं.
कप्तानी साझेदारी से संभली टीम
इस मुकाबले में भारतीय टीम को शुरुआती झटकों से उबारने में मंधाना का अहम योगदान रहा. उन्होंने टीम के स्कोर को आगे बढ़ाने के लिए दो अहम साझेदारी कीं. मंधाना ने सबसे पहले जेमिमा रोड्रिग्स के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 64 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिससे पारी को स्थिरता मिली. इसके बाद उन्होंने कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ मोर्चा संभाला. दोनों सीनियर खिलाड़ियों ने इंग्लिश गेंदबाजों को हावी होने का कोई मौका नहीं दिया और चौथे विकेट के लिए 89 रनों की बेहतरीन साझेदारी निभाकर टीम को बड़े स्कोर की राह पर डाल दिया.
300 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली दुनिया की सबसे युवा महिला क्रिकेटर बनीं मंधाना
इससे पहले ग्राउंड पर उतरते ही भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया. वह इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे पहले ऐतिहासिक महिला टेस्ट मैच के दौरान 300 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली दुनिया की सबसे युवा महिला क्रिकेटर बन गईं. ओवरऑल बात करें तो मंधाना यह उपलब्धि हासिल करने वाली विश्व की 12वीं महिला खिलाड़ी हैं.
भारत की ओर से श्री चरणी ने किया टेस्ट डेब्यू
इस ऐतिहासिक मुकाबले की शुरुआत इंग्लैंड की कप्तान नैट साइवर-ब्रंट द्वारा टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले के साथ हुई. इस मैच में भारतीय टीम की ओर से श्री चरणी ने अपना टेस्ट डेब्यू किया, जबकि यास्तिका भाटिया की प्लेइंग इलेवन में वापसी हुई. दूसरी ओर, इंग्लैंड की टीम ने भी एलिस कैप्सी और मैडी विलियर्स को टेस्ट डेब्यू का मौका दिया.
भावुक हुईं स्मृति मंधाना
अपनी इस अविश्वसनीय उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए 29 वर्षीय मंधाना ने कहा कि उन्हें इस मील के पत्थर (300वें मैच) के बारे में मैच की पूर्व संध्या पर ही पता चला.अपने सफर को याद करते हुए मंधाना भावुक हो गईं. उन्होंने साल 2017 में इसी लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए महिला वनडे विश्व कप फाइनल को याद किया. मंधाना ने बताया कि उस कठिन टूर्नामेंट के बाद वह अपने भविष्य को लेकर काफी अनिश्चित और असमंजस में थीं. हालांकि, समय बदला और आज उसी मैदान पर वह इतिहास रच रही हैं.
बकौल मंधाना, ‘लॉर्ड्स के मैदान पर 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलना एक सपने जैसा है. 2017 के उस दौर से निकलकर आज इस मुकाम तक पहुंचना मेरे लिए बेहद गर्व की बात है.’ मंधाना का यह सफर दुनिया भर की युवा महिला क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा है, जो यह दिखाता है कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से हर मुश्किल दौर को पार किया जा सकता है.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें
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