हर व्यक्ति जीवन में पर्याप्त जीवन में आर्थिक स्थिति को मजबूत करके रखा चाहता है। कम-से-कम इतना धन तो हर किसी को चाहिए ही होता है कि वो अपने परिवार को आसानी से पाल सके। हालांकि कई बार कड़ी मेहनत के बाद भी धन एकत्रित नहीं हो पाता वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनको कम प्रयासों में भी पर्याप्त धन मिल जाता है। ज्योतिष की मानें तो इसका कारण कुंडली का दूसरा भाव या धन स्थान हो सकता है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि कुंडली को देखकर कैसे धन स्थान का पता चल सकता है और कैसे कुछ उपाय आपको आर्थिक रूप से संपन्न कर सकते हैं।
कुंडली का धन भाव
कुंडली के दूसरे भाव को धन का स्थान कहते हैं इसके साथ ही यह वाणी और कुटुंब का घर भी कहा जाता है। इस भाव में ग्रहों की स्थिति, दृष्टि का आपके आर्थिक जीवन पर गहरा असर देखने को मिलता है। आइए जानते हैं कैसे।
दूसरे भाव के स्वामी की स्थिति
दूसरे भाव में जो राशि लिखी है उसका स्वामी कुंडली में कहां स्थित है इससे आपकी आर्थिक स्थिति का पता चलता है। अगर द्वितीय भाव का स्वामी केंद्र में यानि 1, 4, 7 और 10 भाव में है या त्रिकोण यानि 5, 9 में है तो शुभ फल प्राप्त आपको हो सकते हैं। वहीं 6, 8, 12 भाव में द्वितीय भाव का स्वामी है तो आर्थिक परेशानियों का सामना आपको करना पड़ सकता है।
शुभ और अशुभ ग्रहों का प्रभाव
अगर द्वितीय भाव में कोई शुभ ग्रह जैसे चंद्रमा, बुध, शुक्र या गुरु विराजमान है तो समझ जाइए कि व्यक्ति को शुभ फल आर्थिक क्षेत्र में प्राप्त होंगे। साथ ही पैतृक संपत्ति से भी लाभ मिल सकता है। वहीं कुंडली के द्वितीय भाव में शनि, राहु, केतु या मंगल जैसे क्रूर ग्रह विराजमान हैं तो दिक्कतें आर्थिक पक्ष में आ सकती हैं। सूर्य ग्रह द्वितीय भाव में मिलेजुले फल प्रदान करते हैं।
द्वितीय भाव के कारक गुरु की स्थिति
दूसरे भाव का कारक ग्रह गुरु है इसलिए कुंडली में इनकी स्थिति से भी आपकी आर्थिक स्थिति का पता चलता है। अगर कुंडली में गुरु 6, 8, 12 भावों में हैं तो परेशानियां आपके आर्थिक जीवन में आ सकती हैं। धन कमाने के लिए कड़ी मेहनत आपको करनी होगी। वहीं केंद्र और त्रिकोण में बैठे गुरु शुभ फल आर्थिक क्षेत्र में आपको दे सकते हैं।
धन प्राप्त के लिए सरल उपाय
अगर आप कुंडली देखना नहीं जानते या आपको अपनी कुंडली का पता नहीं है तो आप नीचे दिए गए उपायों को करके भी धन लाभ जीवन में प्राप्त कर सकते हैं।
- पीले रंग के कपड़े पहनें और पीली चीजों का दान करें।
- भगवान विष्णु की पूजा करें और गुरुवार का व्रत भी रखें।
- स्त्रियों का सम्मान करें और माता या बहन को उपहार दें।
- माता लक्ष्मी की निरंतर पूजा करें या लक्ष्मी मंत्रों का जप करें।।
- गुरु ग्रह के मंत्रों का जप करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें:
मानसिक शांति के लिए क्यों शुभ मानी जाती है चांदी? जानिए इसके पीछे की ज्योतिषीय मान्यताएं
Discover more from News Link360
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
