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Shreyas iyer Fear of failure has no place in this team: भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले युवा खिलाड़ियों को असफलता के डर और आलोचनाओं के दबाव से दूर रहकर निडर क्रिकेट खेलने की सलाह दी है. उन्होंने स्वीकार किया कि इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर खराब नतीजों के बावजूद टीम की कमियों की पहचान हुई है और खिलाड़ी एक-दूसरे के करीब आए हैं. कम समय में परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की चुनौती को स्वीकारते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अनुभव टीम को मानसिक रूप से मजबूत बनाएगा.
श्रेयस अय्यर का कहना है कि इस भारतीय टीम में डर की कोई जगह नहीं है.
हरारे. भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर चाहते हैं कि उनकी टीम के खिलाड़ी निडर होकर क्रिकेट खेलें और आलोचनाओं के दबाव में नहीं आएं. उन्होंने कहा कि इंग्लैंड दौरे के निराशाजनक नतीजों ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैच की टी20 श्रृंखला से पहले टीम को और करीब ला दिया है. इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ सीमित ओवरों के दौरे में भारतीय टीम एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी. हालांकि अय्यर ने कहा कि टीम ने अपनी कमजोरियों को पहचान लिया है और सुधार पर काम कर रही है.
जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की पूर्व संध्या पर श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने कहा, ‘इंग्लैंड में हमारा समय मुश्किल भरा रहा, लेकिन उससे कई सकारात्मक चीजें भी सामने आईं. हमें पता चला कि आगे बढ़ने के लिए एक टीम के रूप में हमें क्या तैयार करना है, मैदान पर उतरने के बाद किस तरह की मानसिकता, जागरूकता और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की जरूरत है.’
इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ श्रृंखला कप्तान के तौर पर अय्यर का पहला दौरा भी था. पहली बार जिम्बाब्वे दौरे पर आए अय्यर ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती कम समय में परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की होगी. उन्होंने कहा, ‘हममें से कुछ खिलाड़ी यहां पहली बार खेल रहे हैं इसलिए जितनी जल्दी हम परिस्थितियों को समझेंगे, उतने ही बेहतर परिणाम हासिल कर पाएंगे.’
अय्यर ने टीम के युवा खिलाड़ियों से कहा कि हालिया आलोचनाओं के बावजूद उन्हें असफलता के डर के बिना खेलना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि उन्हें असफलता से डरना चाहिए। जब आपके दिमाग में ऐसे विचार होते हैं तो आप खुद को बचाने के लिए खेलते हैं। जब डर नहीं होता, तब आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं. हमें इस बात के बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहिए कि बाहर लोग क्या कह रहे हैं. हमें वर्तमान पर ध्यान देना होगा। जितना अच्छा क्रिकेट हम खेलेंगे और एक इकाई के रूप में जितना बेहतर प्रदर्शन करेंगे, टीम के लिए उतना ही अच्छा होगा.’
कप्तान ने माना कि इंग्लैंड से सीधे जिम्बाब्वे पहुंचने और केवल एक अभ्यास सत्र के बाद मैच खेलने की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है. उन्होंने कहा, ‘यह निश्चित रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण है. हम कल यहां पहुंचे, आज अभ्यास है और कल मैच है। लेकिन यह मजेदार भी है. अगर आप ऐसी परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो आपको खुद पर निश्चित रूप से गर्व महसूस होगा.’
अय्यर ने कहा कि आयरलैंड, इंग्लैंड और अब जिम्बाब्वे के विदेशी दौरों ने टीम को काफी अनुभव दिया है. उन्होंने कहा, ‘नतीजे हमारे पक्ष में नहीं रहे, लेकिन इससे टीम एक-दूसरे के और करीब आई है. हम इस बारे में काफी चर्चा कर रहे हैं कि आगे एक इकाई के रूप में किस तरह खेलना है. ऐसा अनुभव बार-बार नहीं मिलता। यह एक चुनौतीपूर्ण दौर है और जितनी जल्दी आप इससे बाहर निकलते हैं, उतनी ही बेहतर टीम बनते हैं.’
इकतीस वर्षीय अय्यर ने जिम्बाब्वे की टीम की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक प्रतिस्पर्धी टीम है और उसके कई खिलाड़ियों के पास आईपीएल का अनुभव भी है. उन्होंने कहा, ‘उनकी टीम शानदार है और उनका लाइनअप अच्छा है. उनके कुछ खिलाड़ी आईपीएल भी खेल चुके हैं, इसलिए उनके पास काफी अनुभव है.’ अपनी चोट से वापसी के बारे में अय्यर ने कहा कि ‘रिहैबिलिटेशन’ के दौर ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया. उन्होंने कहा, ‘इसने मुझे एक खिलाड़ी के रूप में और ज्यादा आत्मविश्वास से भर दिया है. जब आप चोट के दौर से बाहर निकलते हैं तो मानसिक रूप से काफी सकारात्मक हो जाते हैं. मैदान पर आने वाली किसी भी चुनौती से निपटने का भरोसा बढ़ जाता है.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…
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