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28 जुलाई 2026 का पंचांग: मंगलवार को अशुभ विष्कुंभ योग और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र , जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Ajay Kumar Verma
By Ajay Kumar Verma On July 27, 2026
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28 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि और मंगलवार का दिन है। चतुर्दशी तिथि मंगलवार को शाम 6 बजकर 19 मिनट तक रहेगी। 28 जुलाई को रात 11 बजकर 34 मिनट तक विष्कुंभ योग रहेगा।  इस योग में शुरू किये गये कार्यों में व्यवधान आने की संभावना बनी रहती है। साथ ही इस योग में किये गये कार्यों से शुभ फलों की प्राप्ति नहीं होती है। वहीं 28 जुलाई को दोपहर 1 बजकर 11 मिनट तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र ही रहेगा, उसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र लग जाएगा। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते मंगलवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

28 जुलाई 2026 का पंचांग

  • आषाढ़ शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि- 28 जुलाई 2026 को  शाम 6 बजकर 19 मिनट तक
  • विष्कुंभ योग- 28 जुलाई 2026 को रात 11 बजकर 34 मिनट तक
  • उत्तराषाढ़ा नक्षत्र- 28 जुलाई 2026 को दोपहर 1 बजकर 11 मिनट तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र ही रहेगा, उसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र लग जाएगा

28 जुलाई 2026 का शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:46 ए एम से 05:30 ए एम
  • प्रातः संध्या- 05:08 ए एम से 06:14 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:19 पी एम से 01:11 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:55 पी एम से 03:47 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 07:16 पी एम से 07:38 पी एम
  • सायाह्न सन्ध्या- 07:16 पी एम से 08:22 पी एम
  • अमृत काल- 07:50 ए एम से 09:37 ए एम

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- दोपहर बाद 03:51 से शाम 05:33 तक
  • मुंबई- शाम 04:00 से शाम 05:38 तक
  • चंडीगढ़- दोपहर बाद 03:55 से शाम 05:37 तक
  • लखनऊ- दोपहर बाद 03:35 सेशाम 05:16 तक
  • भोपाल- दोपहर बाद 03:45 से शाम 05:25 तक
  • कोलकाता- दोपहर बाद 03:01 से शाम 04:40 तक
  • अहमदाबाद- शाम 04:04 से शाम 05:44 तक
  • चेन्नई- दोपहर बाद 03:26 से शाम 05:01 तक

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय- 05:40 ए एम
  • सूर्यास्त- 19:14 पी एम

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के बारे में

आकाशमंडल में स्थित 27 नक्षत्रों की श्रेणी में उत्तराषाढ़ा 21वां नक्षत्र है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र शुभ नक्षत्रों की श्रेणी में आता है। इस नक्षत्र का पहला चरण धनु राशि में और बाकी तीन चरण मकर राशि में स्थित होते हैं। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के देवता विश्वेदेव हैं। बता दें कि विश्वेदेव में दस देवताओं के नाम शामिल हैं- इन्द्र, अग्नि, सोम, त्वष्ट्रा, रुद्र, पूखन्, विष्णु, अश्विनी, मित्रावरूण और अंगीरस। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रतीक चिन्ह हाथी के दांत को माना जाता है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में जन्में जातक अपने लक्ष्य की प्राप्ति और अपने प्रयासों को सफल बनाने में सक्षम होते हैं।।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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