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आकिब नबी की अनदेखी पर इरफान पठान को आया गुस्सा, 60 विकेट लेने का क्या फायदा, ‘-हम डोमेस्टिक क्रिकेटर्स को क्या सिग्नल दे रहे हैं’

Ajay Kumar Verma
By Ajay Kumar Verma On July 29, 2026
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Irfan Pathan angrily: जम्मू-कश्मीर को पहला रणजी खिताब दिलाने वाले आकिब नबी की श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में अनदेखी ने विवाद खड़ा कर दिया है. पिछले सीजन 60 विकेट लेने और ‘इंडिया ए’ में शानदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें न चुने जाने पर पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने चयन प्रक्रिया पर तीखे सवाल उठाए हैं. पठान का कहना है कि लगातार प्रदर्शन के बाद भी मौका न मिलना घरेलू क्रिकेटरों के लिए गलत मैसेज है.

आकिब नबी की अनदेखी पर इरफान पठान को आया गुस्सा, 60 विकेट लेने का क्या फायदा Zoom

आकिब नबी को बार बार भारतीय चयनकर्ता नजरअंदाज कर रहे हैं.

नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर क्रिकेट में जब भी किसी गेंदबाज के उभार की बात होगी, तो आकिब नबी का नाम सबसे ऊपर लिया जाएगा. पिछले कुछ घरेलू सीजन में गेंद से कहर बरपाने वाले इस तेज गेंदबाज ने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ी. हालांकि, लगातार शानदार प्रदर्शन और आंकड़ों के अंबार के बावजूद श्रीलंका दौरे के लिए भारत की टेस्ट टीम से उनका बाहर रहना न सिर्फ उनके प्रशंसकों, बल्कि क्रिकेट विशेषज्ञों को भी हैरान कर गया है. आकिब की बार बार हो रही अनदेखी पर इरफान पठान गुस्से में हैं.

आकिब नबी (Aqib Nabi) का पिछला घरेलू सीजन किसी सपने से कम नहीं था. उन्होंने रणजी ट्रॉफी में 60 विकेट झटके और जम्मू-कश्मीर को उसका पहला ऐतिहासिक खिताब दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई. केवल गेंद से ही नहीं, बल्कि निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी की क्षमता ने भी उन्हें एक संपूर्ण ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया. रणजी में इस रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन का इनाम उन्हें दिल्ली कैपिटल्स के साथ आईपीएल अनुबंध और ‘इंडिया ए’ टीम में चयन के रूप में मिला. श्रीलंका के खिलाफ ‘इंडिया ए’ के दौरे पर भी नबी ने अपनी छाप छोड़ी और दो चार-दिवसीय मैचों में 6 विकेट चटकाए. लगातार बेहतरीन फॉर्म और श्रीलंकाई परिस्थितियों से वाकिफ होने के बावजूद, जब मुख्य टेस्ट टीम के चयन की बात आई, तो चयनकर्ताओं ने उनसे मुंह मोड़ लिया.

इरफान पठान की तीखी प्रतिक्रिया और चयन प्रक्रिया पर सवाल
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान (Irfan Pathan) जिन्होंने नबी के करियर को निखारने में बड़ी भूमिका निभाई है, चयनकर्ताओं के इस फैसले से बेहद निराश और हैरान हैं. स्पोर्ट्सस्टार से बातचीत में पठान ने साफ कहा, ‘आकिब नबी को न चुने जाने के पीछे मेरे पास कोई लॉजिकल जवाब नहीं है. अगर घरेलू प्रदर्शन का कोई मोल है, तो फिर आकिब को उसका इनाम क्यों नहीं मिला?. पठान के मुताबिक, नबी को भारत के लिए डेब्यू कराने का सबसे बेहतरीन मौका अफगानिस्तान के खिलाफ हुआ एकमात्र टेस्ट मैच था, जहां वे नेट बॉलर के रूप में टीम के साथ थे. पठान ने चयन रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जसप्रीत बुमराह उपलब्ध नहीं होते हैं, तो मोहम्मद सिराज टीम के मुख्य तेज गेंदबाज बन जाते हैं. ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ उस मैच में सिराज को खिलाने की कोई तुक नहीं थी, जो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का हिस्सा भी नहीं था. उस मैच में नए खिलाड़ियों और आकिब जैसे इन-फॉर्म गेंदबाज को आजमाना चाहिए था.

‘सिर्फ गति नहीं, स्विंग और टाइमिंग है मायने रखती’
आकिब की गेंदबाजी गति (133-135 किमी/घंटा) को लेकर उठने वाले सवालों पर पठान ने करारा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि केवल अंधाधुंध गति ही तेज गेंदबाज की पहचान नहीं होती. ‘आईपीएल के दौरान वह 133-135 किमी/घंटा की रफ्तार से देर से गेंद को स्विंग करा रहे थे. अगर कोई गेंदबाज इस गति से लेट स्विंग करा सकता है और बल्लेबाजों को बीट कर सकता है, तो यह काफी क्यों नहीं है?’ रणजी ट्रॉफी के फाइनल का जिक्र करते हुए पठान ने कहा कि नबी ने के.एल. राहुल जैसे इंटरनेशनल दिग्गजों को लगातार परेशान किया और बीट किया.

उम्र और पीक टाइम
पठान ने याद दिलाया कि तेज गेंदबाजों का स्वर्णिम समय 27 से 32 वर्ष की उम्र के बीच होता है. आकिब इस साल नवंबर में 30 वर्ष के हो जाएंगे. यदि इस सही समय पर उन्हें मौका नहीं दिया गया, तो भारतीय क्रिकेट एक बेहतरीन गेंदबाज के सर्वोत्तम वर्षों को खो देगा.

घरेलू क्रिकेटरों को क्या संदेश मिल रहा है?
चयन में इस तरह की निरंतरता की कमी पर पठान ने चिंता जाहिर की. उन्होंने सारांश जैन के चयन का उदाहरण देते हुए कहा कि 33 साल के सारांश को लगातार 4-5 साल के प्रदर्शन का फल मिलना एक शानदार संदेश है. यह घरेलू खिलाड़ियों को भरोसा देता है. लेकिन जब आकिब जैसे खिलाड़ी, जो लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और टीम को तेज गेंदबाजों के बैकअप की जरूरत भी है, उन्हें नजरअंदाज किया जाता है, तो इससे युवा खिलाड़ियों के मनोबल पर गलत असर पड़ता है.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…

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