लिटन दास (Litton Das) ने इस भूमिका में ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज की जगह ली है. यह फैसला कई मायनों में हैरान करने वाला है, क्योंकि मिराज का बतौर कप्तान रिकॉर्ड काफी शानदार रहा था. अक्टूबर 2025 से जून 2026 के बीच मिराज ने अपनी कप्तानी में बांग्लादेश को लगातार चार वनडे सीरीज़ में जीत दिलाई. वेस्टइंडीज़, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीमों को उनके घर में (मीरपुर की सरज़मीं पर) धूल चटाकर मिराज ने एक नया इतिहास रचा था.
जिम्बाब्वे से हार बनी मिराज की कप्तानी छिनने की वजह
खेल की दुनिया में एक हार कभी-कभी आपके सारे पिछले रिकॉर्ड्स पर पानी फेर देती है. जुलाई 2026 में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में बांग्लादेश को 2-1 से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा. इस एक सीरीज़ हार की कीमत मिराज को अपनी कप्तानी गंवाकर चुकानी पड़ी. हालांकि अगर आंकड़ों के चश्मे से देखें, तो मिराज की अगुवाई में बांग्लादेश ने कुल 24 वनडे मैच खेले, जिनमें से 10 में जीत दर्ज की और 13 में हार का सामना किया. पिछले पांच में से चार सीरीज़ जीतने के बावजूद, जिम्बाब्वे से मिली हार बोर्ड के लिए पचने योग्य नहीं थी.
दो कप्तानों वाले मॉडल पर बीसीबी का भरोसा
बीसीबी के अध्यक्ष तमीम इकबाल ने पत्रकारों से बात करते हुए इस बड़े बदलाव के पीछे की सोच को साफ किया. तमीम ने कहा कि बोर्ड अब ‘दो कप्तानों वाले मॉडल’ पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. बीसीबी का मानना है कि तीनों फॉर्मेट में तीन अलग कप्तानों के बजाय एक सफेद गेंद (White-Ball) का और एक लाल गेंद (Red-Ball) का कप्तान होना सबसे सही रास्ता है.
किसे मिली क्या जिम्मेदारी?
इस नई व्यवस्था के तहत लिटन दास अब सफेद गेंद (वनडे और टी20) के कप्तान होंगे, जबकि नजमुल हुसैन शांतो टेस्ट टीम के कप्तान के रूप में लाल गेंद की कमान संभालते रहेंगे. युवा बल्लेबाज़ तौहीद हृदॉय को सीमित ओवरों का नया उप-कप्तान बनाया गया है, वहीं टेस्ट उप-कप्तानी की जिम्मेदारी मेहदी हसन मिराज के पास ही बरकरार रहेगी.
ऑलराउंडर मिराज से फॉर्म में वापसी की उम्मीद
तमीम इकबाल ने मिराज को हटाए जाने के फैसले पर सहानभूति जताते हुए कहा कि मिराज एक बेहद सफल कप्तान रहे हैं, लेकिन टीम को एक कप्तान से ज्यादा एक शानदार क्रिकेटर के रूप में मिराज की जरूरत है. बोर्ड को लगा कि कप्तानी के बोझ के कारण उनके प्रदर्शन में थोड़ा निखार कम हो रहा था. भले ही मिराज बल्ले से अच्छा योगदान दे रहे थे, लेकिन उनकी गेंदबाजी में सुधार की गुंजाइश देखी जा रही थी. बीसीबी चाहता है कि मिराज बिना किसी दबाव के अपने व्यक्तिगत खेल, खासकर अपनी गेंदबाजी पर ध्यान केंद्रित कर सकें.
लिटन दास के पास कप्तानी का अनुभव
दूसरी ओर, लिटन दास के कंधों पर अब बांग्लादेशी क्रिकेट को एक नई दिशा में ले जाने की जिम्मेदारी है. लिटन के पास कप्तानी का थोड़ा-बहुत अनुभव पहले से है. उन्होंने इससे पहले सात वनडे मैचों में कार्यवाहक कप्तान के रूप में टीम की अगुवाई की है, जिसमें बांग्लादेश को तीन में जीत और तीन में हार मिली थी. अब वे पूर्णकालिक रूप से यह जिम्मेदारी संभालेंगे.
शानदार रहा है लिटन का वनडे करियर
एक बल्लेबाज़ के रूप में लिटन दास का रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है. 104 वनडे मैचों का अनुभव रखने वाले लिटन ने 2,869 रन बनाए हैं, जिसमें 5 शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं. वह मौजूदा दौर में बांग्लादेश के सबसे भरोसेमंद और आक्रामक बल्लेबाज़ों में गिने जाते हैं. उन्होंने अपना आखिरी वनडे मैच 14 जून को मीरपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था.
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