पौराणिक कथाओं में पालतू जानवरों का रहस्य: गणेश का चूहा, हनुमान का वानर रूप समेत 10 दिव्य भूमिका!


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Importance of pet animals in mythology: जब कभी भी हम पालतू जानवरों के बारे में सोचते हैं तो हमारे दिलों दिमाग में वफादार कुत्ते, क्यूट सी बिल्लियां या फिर छत पर दाना खाने वाली चिड़िया ही दिमाग में आती हैं.

ये जानवर हमारे परिवार की तरह होते हैं, जो हमें प्यार करते हैं. लेकिन प्राचीन भारतीय पौराणिक कथाओं में, जानवरों को काफी महत्व दिया जाता था.

उनका सम्मान करने के साथ पूजा की जाती थी. कई बार वे देवताओं और नायकों के जीवन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आए.  प्राचीन भारत में जानवर ज्ञान, वफादारी, निडरता और भक्ति का प्रतीक माने जाते थे. 

आइए जानते हैं भारतीय पौराणिक कथाओं में दर्ज कुछ सबसे खास पशु पात्रों के पीछे छिपे रहस्यों को जानें और समझें कि ये जीव इतने क्यों खास थे?

पौराणिक कथाओं में पालतू जानवरों का रहस्य: गणेश का चूहा, हनुमान का वानर रूप समेत 10 दिव्य भूमिका!

भगवान गणेश का दिव्य वाहन चूहा

पौराणिक कथाओं में सबसे चर्चित पशु साथियों में से एक भगवान श्री गणेश का वाहन कहे जाने वाला चूहा भी है. कई लोगों को ये काफी अजीब लग सकता है, कि महाप्रतापी भगवान गणेश का विशाल शरीर का भार एक छोटा सा चूहा उठाता होगा? लेकिन इस चुनाव के पीछे एक गहरा संदेश छिपा हुआ है. 

पौराणिक कथाओं में चूहे को इच्छाओं का प्रतीक माना जाता था. ऐसा इसलिए क्योंकि इच्छाएं चूहे की ही तरह हमारे मन में चुपके से प्रवेश कर जाती है और हमें हमारे लक्ष्य से भटका देती है.

जब भगवान गणेश चूहे पर सवार होते हैं, तो वे इच्छाओं को नियंत्रित करने के साथ लोगों को ज्ञान से मार्गदर्शन करने की क्षमता प्रदान करता है. 

पौराणिक कथाओं में पालतू जानवरों का रहस्य: गणेश का चूहा, हनुमान का वानर रूप समेत 10 दिव्य भूमिका!

श्री विष्णु का वाहन सिंह गरुड़

गरुड़ बेहद शक्तिशाली बाज जैसा पक्षी है, जिसे भगवान विष्णु का वाहन कहा जाता है. गरुड़ तेज और बलवान होने के साथ बुराई के खिलाफ लड़ने में सक्षम और महा प्रतापी योद्धा है.

उसकी कहानी का सबसे चर्चित भाग सांपों के प्रति उसकी घृणा है. एक ऐसी घटना जिसमें गरुड़ ने अपनी माता को सांपों के चंगुल से छुड़ाने का प्रयास किया था. 

गरुड़ भगवान विष्णु के प्रति गहरी आस्था और भक्ति रखने के लिए जाना जाता है. वे अपने स्वामी की रक्षा करने और सत्य की सहायता के लिए तीनों लोकों में यात्रा करने के लिए हमेशा तैयार रहता है. आज भी भारत के कई हिस्सों में गरुड़ को पूजा जाता है. 

पौराणिक कथाओं में पालतू जानवरों का रहस्य: गणेश का चूहा, हनुमान का वानर रूप समेत 10 दिव्य भूमिका!

भगवान शिव का पवित्र बैल नंदी

भगवान शिव का सबसे वफादार और सेवक नंदी को माना जाता है. वह द्वारपाल से कहीं बढ़कर है. नंदी शिव का वाहन और सबसे करीबी साथी भी है. नंदी को अक्सर शिव मंदिरों के समक्ष भगवान शिव की ओर मुख करके बैठे हुए देखेंगे, जो हमेशा शिव की सुरक्षा के लिए तैयार रहते हैं. 

कथाओं के मुताबिक, नंदी एक समय में महान शिव भक्त थे, जो काफी प्रेम से शिव के निकट रहने की प्रार्थना करते थे. उनकी भक्ति से खुश होकर शिव ने उन्हें अपना वफादार सेवक बना लिया.

नंदी शक्ति, संयम, और अनुशासन का प्रतीक हैं. वे धर्म, सत्य और न्याय के मार्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं. शिव भक्त अक्सर मंदिर में जाने से पहले अपनी इच्छाओं को नंदी के कानों में फुसफुसाते हैं, ताकि बात सीधे महादेव तक पहुंचे. 

पौराणिक कथाओं में पालतू जानवरों का रहस्य: गणेश का चूहा, हनुमान का वानर रूप समेत 10 दिव्य भूमिका!

सांपों के राजा शेषनाग

पौराणिक कथाओं में शेषनाग का भी उल्लेख है, जिसे सांपों का राजा भी कहा जाता है.  वह अपने कई फनों पर पृथ्वी के भार को वहन करते हैं. इसके अलावा भगवान विष्णु के विश्राम का भी पात्र हैं.

जहां आमतौर पर लोग सांपों से डरते हैं, वही शेषनाग स्थिरता और अनंतता का प्रतीक माने जाते हैं. 

शेषनाग जैसे जानवर यही दर्शाते हैं कि, जो जानवर दिखने में डरावने लगते हैं, वो भी दिव्य भूमिका से जुड़े होते हैं. भारतीय पौराणिक कथाओं में सांपों को गहरी आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ा जाता है.

इसके साथ ही उन्हें ज्ञान और रक्षक के रूप में भी देखा जाता है. 

पौराणिक कथाओं में पालतू जानवरों का रहस्य: गणेश का चूहा, हनुमान का वानर रूप समेत 10 दिव्य भूमिका!

राम भक्त हनुमान का वानर रूप

भारतीय पौराणिक कथाओं में हनुमान सबसे प्रमुख पात्रों में से एक है. हालांकि वे आमतौर पर पालतू जानवर नहीं हैं, लेकिन उनका रूप बंदर वाला है, जिसने रामायण काल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

हनुमान अपनी शक्ति, भक्ति, बुद्धिमत्ता और जादुई कारनामों के लिए जाने जाते हैं. लेकिन इन सबसे भी बढ़कर वे अपने शुद्ध हृदय और राम भक्ति के लिए विख्यात है. 

हनुमान ने ही राम की सीता खोज में मदद की थी. लंका में शक्तिशाली दानवों और दैत्यों से युद्ध किया बिना किसी इच्छा के, उनकी सच्ची निष्ठा और सेवा राम भक्ति का जीता-जागता उदाहरण हैं. हनुमान जी की पूजा भारतवर्ष में की जाती है. 

पौराणिक कथाओं में पालतू जानवरों का रहस्य: गणेश का चूहा, हनुमान का वानर रूप समेत 10 दिव्य भूमिका!

बुद्धिमान भालू जाम्बवान

हनुमान जी की ही तरह जाम्बवान भी रामायण काल में एक महत्वपूर्ण पशु पात्र थे. एक भालू के रूप में उनकी भूमिका रामायण और महाभारत दोनों में दिखाई दी. जाम्बवान केवल बलवान ही नहीं, बल्कि काफी शक्तिशाली भी थे.  

उन्होंने रावण के खिलाफ युद्ध में राम जी की सहायता की थी. महाभारत काल में वे भगवान कृष्ण से भी मिले.

पौराणिक कथाओं में पालतू जानवरों का रहस्य: गणेश का चूहा, हनुमान का वानर रूप समेत 10 दिव्य भूमिका!

युधिष्ठिर का वफादार कुत्ता

महाभारत काल में एक कुत्ते की सुंदर कहानी भी है, जो युधिष्ठिर के साथ हिमालय की अंतिम यात्रा में उनके साथ था. जहां एक ओर युधिष्ठिर के सभी प्रियजन पीछे छूटते गए, वहीं कुत्ता अंत तक उनके साथ था.

जब युधिष्ठिर स्वर्ग के द्वार पर पहुंचे, तो उन्हें कुत्ते को पीछे छोड़ने को कहा गया. वे यह कहते हुए मना कर देते हैं कि, मैं ऐसे किसी भी जीव का साथ नहीं छोड़ सकता, जो मेरे प्रति वफादार हो. 

उसी वक्त कुत्ते ने अपनी असली रूप प्रकट करते हुए धर्म के देवता का रूप धारण किया, जो युधिष्ठिर की परीक्षा लेने आए थे. 

पौराणिक कथाओं में पालतू जानवरों का रहस्य: गणेश का चूहा, हनुमान का वानर रूप समेत 10 दिव्य भूमिका!

मोर का संबंध देवी सरस्वती से

मोर को सुंदरता और आकर्षण का पक्षी माना जाता है. पौराणिक कथाओं में इसे ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती से जोड़कर देखा जाता है. मोर एक ऐसा पक्षी जो रचनात्मकता, बुद्धिमत्ता और आत्म-संयम का प्रतीक माना जाता है. इसके रंग-बिरंगे पंख समृद्धि को दर्शाते हैं.

युद्ध के देवता और भगवान शिव-पार्वती के पुत्र कार्तिकेय का वाहन भी मोर है. दोनों ही मामलों में ये पक्षी शक्ति और भक्ति का प्रतीक है. 

पौराणिक कथाओं में पालतू जानवरों का रहस्य: गणेश का चूहा, हनुमान का वानर रूप समेत 10 दिव्य भूमिका!

देवी दुर्गा का वाहन शेर

पौराणिक कथाओं में देवी दुर्गा का वाहन शेर बताया जाता है. शेर में निडरता और बुराई खत्म करने की क्षमता होती है. शेर पर सवार होकर जब मां दुर्गा लड़ाई में उतरती है तो बुरी ताकतें टिक नहीं पाती है. 

पौराणिक कथाओं में पालतू जानवरों का रहस्य: गणेश का चूहा, हनुमान का वानर रूप समेत 10 दिव्य भूमिका!

देवी लक्ष्मी का उल्लू

हिंदू पौराणिक ग्रंथों में देवी लक्ष्मी को धन और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है. उनका वाहन एक सफेद उल्लू है. उल्लू को आमतौर पर रहस्य और अंधेरे से जोड़कर देखा जाता है. हिंदू धार्मिक ग्रंथों में उल्लू ज्ञान और जागरूकता का प्रतीक है. 

यह कहानी याद दिलाती है कि, पौराणिक कथाओं में जानवर केवल रक्षक या लड़ने वाले नहीं होते, वे मार्गदर्शक भी होते हैं, जो जीवन, पैसा और जिम्मेदारी से जुड़ी अहम जानकारी भी देते हैं. 

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 



Source link


Discover more from News Link360

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Discover more from News Link360

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading