जब तारक मेहता फेम मुनमुन दत्ता को सेट पर पड़ी थी डांट, रो-रोकर बुरा हो गया था हाल


मुनमुन दत्ता बबीता जी के किरदार के लिए जानी जाती हैं, जो लंबे समय तक चलने वाले पॉपुलर टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा का हिस्सा हैं. उनके लाखों फैंस हैं और दर्शक उन्हें जेठालाल के साथ ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री के लिए बेहद पसंद करते हैं. हाल ही में, मुनमुन ने रणवीर इलाहबादिया के साथ एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में अपनी जिंदगी के स्ट्रगल फेज और सबसे मुश्किल दौर के बारे में खुलकर बात की.

उन्होंने बताया कि उनके करियर की शुरुआत आसान नहीं थी और एक्टिंग में अपने सपनों को सच करने के लिए उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. इंटरव्यू में मुनमुन ने यह भी साझा किया कि उनके लिए पर्सनल लाइफ में सबसे कठिन समय तब आया, जब उन्होंने अपने पिता को खोया. इस एक्सपीरियंस ने उनके जीवन को काफी बदल दिया और उन्हें बहुत सिखाया.

मुनमुन दत्ता को सेट पर पड़ी थी डांट
पॉडकास्ट में मुन्मुन में अपने पहले एक्टिंग एक्सपीरियंस के बारें बताते हुए कहा, ‘2004 में मैंने हम सब बाराती नाम का एक शो किया था, और यही मेरा पहला एक्टिंग एक्सपीरियंस था. उस समय मुझे बुनियादी चीजें भी नहीं आती थीं, जैसे कि परफॉर्मेंस के दौरान तब तक डांस रोकना नहीं चाहिए जब तक कोरियोग्राफर ‘कट’ न कहे. पहले ही दिन, कोरियोग्राफर के असिस्टेंट ने बहुत चिल्लाया, और मैं रोने लगी थी. लेकिन आज, जब मैं पीछे मुड़कर अपनी जर्नी को देखती हूं, तो लगता है कि मैंने बहुत लंबा सफर तय किया है.’

आगे उन्होंने कहा, ‘मैं ऑडिशन देती रही, छोटे-मोटे काम किए. एक छोटे शहर की लड़की जो इस शहर में अपने दम पर आई और सभी मुश्किलों का सामना किया. यह बिलकुल आसान नहीं था क्योंकि मुझे यहां कोई नहीं जानता था और न ही कोई रिश्तेदार था जिसके घर रह सकूं. मैंने ऑडिशन दिए, छोटे-छोटे काम किए, और जब मुझे पहली बार पैसे मिलने लगे, तो वो मेरे PG के किराए में चले गए. कभी-कभी जब मैं पीछे देखती हूं कि मैं कहां से शुरू हुई और आज कहां हूं, तो मुझे सच में गर्व होता है और इस सफर के लिए मैं बहुत आभारी हूं. शुरू में जब मैंने काम करना शुरू किया, तो सफर बहुत मुश्किल था. मुझे बहुत संघर्ष करना पड़ा और ऑडिशन के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा. सब कुछ उस शो के बाद धीरे-धीरे सुधरना शुरू हुआ.’ 

मुश्किल दौर के बारे में भी की बात 
मुनमुन ने अपने मुश्किल दौर के बारे में बात करते हुए कहा, 2018 में मेरे पिता का निधन मेरे लिए एक बहुत बड़ा झटका था. मेरे पापा कई सालों से आर्थराइटिस से पीड़ित थे और चल नहीं पा रहे थे. मैं लगातार उन्हें कहती रहती थी कि मैं उनकी सर्जरी करवा दूंगी और सब ठीक हो जाएगा. वह खुद भी आशावादी थे और मानते थे कि ऑपरेशन के बाद उनकी सेहत ठीक हो जाएगी. 2018 में आखिरकार हमने सर्जरी कराने का फैसला किया. लेकिन सर्जरी से लगभग एक महीने पहले, उन्हें अचानक बहुत डर लगने लगा और वह कहते रहे कि ऑपरेशन टेबल पर उनकी मौत हो जाएगी. मैं उन्हें बार-बार भरोसा देती रही कि कुछ नहीं होगा. वह सर्जरी से बच गए, लेकिन 11वें दिन, जब उन्हें अगले दिन घर लौटना था, उसी रात उनका अस्पताल में निधन हो गया.’

‘यह मेरे लिए बेहद ही शॉकिंग था. कहीं न कहीं मेरे मन में यह ख्याल आता रहा कि शायद उन्हें पहले से ही कुछ आभास हो गया था, शायद मुझे यह सर्जरी नहीं करवानी चाहिए थी. लेकिन मैं हमेशा खुद को याद दिलाती हूं कि मैंने यह सब अच्छे इरादों से किया था. वह पूरी तरह से निर्भर थे और दर्द में थे. मैंने इस बारे में बहुत लंबे समय तक अपनी मां से बात नहीं की. हाल ही में जब मैंने उन्हें बताया, तो उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ अपने पिता के लिए सही काम करना चाहती थी. मैं इस पर और गहराई से नहीं जाना चाहती क्योंकि यह मुझे इमोशनल कर देता है. मुझे कैमरे या लोगों के सामने रोना पसंद नहीं है. मैं नहीं चाहती कि कोई मेरी कमजोरी देखे.’

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI





Source link


Discover more from News Link360

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Discover more from News Link360

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading