दिल्ली: गीजर विस्फोट में सैयद मोहम्मद निजामी की मौत, सुरक्षा उपाय
यह घटना न केवल एक पारिवारिक त्रासदी है, बल्कि घरेलू इलेक्ट्रिक गीजरों के छिपे खतरे की चेतावनी भी. आखिर क्यों फटते हैं ये गीजर और इनसे कैसे बचा जा सकता है? आइए, इस पर विस्तार से समझते हैं.
इलेक्ट्रिक गीजर फटने का मुख्य खतरा थर्मल एक्सपैंशन और दबाव असंतुलन से जुड़ा होता है. गीजर में पानी गर्म होने पर वाष्पीकृत हो जाता है, जिससे आंतरिक दबाव बढ़ता है.
अगर सेफ्टी वाल्व (प्रेशर रिलीज वाल्व) खराब या अनुपस्थित हो, तो यह दबाव टैंक को फाड़ सकता है.
पुराने या खराब क्वालिटी के गीजरों में यह समस्या आम है. उदाहरण के लिए, अगर गीजर 5-7 साल से ज्यादा पुराना हो जाए, तो उसके इंटरनल हिस्से जंग खा जाते हैं या सीलिंग कमजोर हो जाती है.
गलत इंस्टॉलेशन भी बड़ा कारण है-
अगर पाइपलाइन में रिसाव हो या इलेक्ट्रिकल वायरिंग ढीली हो, तो शॉर्ट सर्किट से आग लग सकती है, जो विस्फोट को ट्रिगर करता है.
पानी की कमी (ड्राई बर्निंग) या ओवरलोडिंग भी खतरा बढ़ाती है. विशेषज्ञों के अनुसार, भारत जैसे देशों में जहां कठोरय. पानी (हार्ड वाटर) प्रचलित है, स्केलिंग (मिनरल जमा) से हीटिंग एलिमेंट ब्लॉक हो जाता है, जिससे तापमान अनियंत्रित हो जाता है.
निजामी साहब की घटना में प्रारंभिक जांच यही इंगित करती है कि गीजर का पुराना होना या रखरखाव की कमी विस्फोट का कारण बनी. इसके खतरे बेहद घातक हैं. विस्फोट से न केवल गर्म पानी और भाप छिटकती है, जो गंभीर जलन पैदा करती है, बल्कि शटरिंग पार्ट्स चोट पहुंचा सकते हैं.
अक्सर आग लगने से पूरा घर प्रभावित होता है, जैसा निजामी परिवार के साथ हुआ. सांख्यिकी बताती है कि भारत में प्रतिवर्ष सैकड़ों ऐसी दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें मौतें और विकलांगता शामिल है.तो, इससे कैसे बचा जाए?
- सबसे जरूरी सावधानी है नियमित रखरखाव. गीजर को हर 6 महीने में सर्विस करवाएं, प्रेशर वाल्व चेक करें, स्केलिंग हटवाएं और इलेक्ट्रिकल कनेक्शन टाइट रखें.
- ISI मार्क वाले ब्रांडेड गीजर ही खरीदें, जो 5-स्टार एनर्जी रेटिंग वाले हों.
- इंस्टॉलेशन के समय certified इलेक्ट्रीशियन से करवाएं और गीजर को कभी भी खाली न चलाएं.
- इस्तेमाल से पहले 10-15 मिनट गर्म होने दें, लेकिन अधिकतम 30 मिनट तक ही. बाथरूम में वेंटिलेशन सुनिश्चित करें ताकि नमी न जमे. अगर गीजर 5 साल पुराना हो, तो तुरंत बदल दें.
- बच्चों और बुजुर्गों को अकेले इस्तेमाल न करने दें.
- आपातकालीन किट (फायर एक्सटिंग्विशर) रखें और घर में स्मोक डिटेक्टर लगाएं.
निजामी साहब की दर्दनाक मौत हमें सिखाती है कि छोटी-छोटी लापरवाहियां जानलेवा साबित हो सकती हैं. जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है. घरों में गीजर को ‘सुरक्षित साथी’ बनाने के लिए आज ही इन सावधानियों को अपनाएं. सुरक्षित रहें, सतर्क रहें.
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