Free WiFi के जाल में न फंसें, वरना हैकर्स कर सकते हैं सब कुछ कंट्रोल, एक गलती खाली कर सकती है बैंक अकाउंट
होटल का फ्री वाई-फाई इस्तेमाल करना आपको भारी पड़ सकता है. जानिए होटल WiFi से जुड़े साइबर खतरे, हैकिंग के तरीके और खुद को सुरक्षित रखने के आसान उपाय.

लंबे सफर से लौटने पर या काम के सिलसिले में किसी दूसरे शहर जाने पर, होटल के कमरे में घुसते ही हम सबसे पहले क्या करते हैं? कंधे से बैग उतारते हैं, सीधे बेड पर बैठते हैं और तुरंत मोबाइल में वाई-फाई (WiFi) ऑन करके फोन स्क्रॉल करने लगते हैं. जैसे ही होटल का ‘फ्री वाई-फाई’ कनेक्ट होता है, हमें ऐसा लगता है मानो दुनिया की सारी खुशियां मिल गई हों.

होटल का वही वाई-फाई जो आपके काम आसान बनाता है, उसी वाई-फाई के जाल में साइबर अपराधी घात लगाए बैठे होते हैं. मुफ्त वाई-फाई का इस्तेमाल आपको कैसे भारी पड़ सकता है और खुद को कैसे सुरक्षित रखना है. यह हर यात्री के लिए जानना बेहद जरूरी है.

होटल का वाई-फाई असुरक्षित क्यों होता है? होटल में एक ही समय पर सैकड़ों मेहमान एक ही नेटवर्क से जुड़े होते हैं. होटल के ये नेटवर्क अक्सर पुराने तकनीक पर आधारित होते हैं या फिर उनकी सुरक्षा व्यवस्था काफी कमजोर होती है. साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, सार्वजनिक नेटवर्क हैकर्स के लिए सबसे आसान निशाना होते हैं. ‘रेडिट’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे नेटवर्क से कनेक्ट होते ही आपका निजी डेटा, लॉगिन आईडी और पासवर्ड खतरे में पड़ सकते हैं.
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हैकर्स आपके फोन में कैसे घुसते हैं? अगर किसी साइबर अपराधी ने होटल के वाई-फाई राउटर में सेंध लगा ली, तो वह उस नेटवर्क से जुड़े हर डिवाइस पर नजर रख सकता है. आप गूगल पर क्या सर्च कर रहे हैं या कौन-से ऐप्स इस्तेमाल कर रहे हैं, यह सब उन्हें पता चल सकता है.

आपके जरूरी ईमेल, निजी फोटो और बैंकिंग लेन-देन की जानकारी हैकर्स के हाथ लग सकती है. कई बार हैकर्स आपके फोन में बिना आपकी जानकारी के वायरस (Malware) भी डाल सकते हैं, जिससे आपके फोन की पूरी सेटिंग उनके कंट्रोल में चली जाती है.

‘पासवर्ड है यानी सुरक्षित’- यह आपकी गलतफहमी है: अक्सर हमें लगता है कि होटल ने वाई-फाई का पासवर्ड दिया है, तो नेटवर्क सुरक्षित होगा. लेकिन सच्चाई इससे अलग है. भले ही वाई-फाई पासवर्ड से सुरक्षित हो, फिर भी एक ही नेटवर्क पर कई अनजान लोग जुड़े होते हैं. अगर एडवांस सिक्योरिटी की व्यवस्था न हो, तो हैकर्स बहुत आसानी से आपके डिवाइस में झांक सकते हैं.

सुरक्षित रहने के लिए ये 4 टिप्स फॉलो करें- अगर आप होटल में ठहरे हैं, तो इंटरनेट इस्तेमाल करते समय नीचे दी गई सावधानियां जरूर बरतें: बैंकिंग लेन-देन से बचें: होटल के वाई-फाई पर कभी भी पैसे ट्रांसफर न करें और न ही गूगल पे/फोन पे जैसे पेमेंट ऐप्स का इस्तेमाल करें. VPN का उपयोग करें: वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) इस्तेमाल करने से आपका डेटा एन्क्रिप्ट हो जाता है, जिससे हैकर्स आपकी जानकारी पढ़ नहीं पाते. टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन: अपने सोशल मीडिया और बैंक खातों में ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ (2FA) चालू रखें, ताकि पासवर्ड पता चलने के बावजूद कोई लॉगिन न कर सके. मोबाइल हॉटस्पॉट: अगर संभव हो, तो होटल के वाई-फाई की जगह घर के किसी दूसरे व्यक्ति के मोबाइल का ‘हॉटस्पॉट’ इस्तेमाल करें. यह सबसे सुरक्षित विकल्प है.

मुफ्त मिलने वाली हर चीज़ सुरक्षित हो, यह ज़रूरी नहीं है. होटल के फ्री वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना ही साइबर ठगी से बचने का सबसे बेहतर तरीका है. आपकी ज़रा-सी लापरवाही आपको बड़े आर्थिक संकट में डाल सकती है.
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