क्या वनप्लस अपना बोरिया-बिस्तर समेट कर भारत छोड़ रहा है? पिछले 24 घंटों से वायरल हो रही इन अटकलों पर वनप्लस इंडिया के CEO रॉबिन लियू ने पूर्णविराम लगा दिया है. उन्होंने इन खबरों को ‘सरासर गलत और भ्रामक’ बताते हुए साफ किया है कि कंपनी भारत में अपना ऑपरेशन जारी रखेगी. यह सफाई तब आई जब टेक गलियारों में वनप्लस के ओप्पो (OPPO) में पूरी तरह विलीन होने की चर्चाएं तेज हो गई थीं.

नई दिल्ली. एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स की दुनिया के दिग्गज ब्रांड ‘वनप्लस’ (OnePlus) को लेकर पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट पर दावों और प्रति-दावों का दौर जारी है. कुछ अंतरराष्ट्रीय टेक पोर्टल्स ने अपनी रिपोर्ट्स में दावा किया था कि गिरती बिक्री और ओप्पो के साथ बढ़ते एकीकरण (Integration) के कारण वनप्लस का अस्तित्व खतरे में है और कंपनी भारत जैसे बड़े बाजार से एग्जिट करने की तैयारी कर रही है. इन खबरों ने न केवल निवेशकों, बल्कि वनप्लस के करोड़ों यूजर्स को भी चिंता में डाल दिया था.
बुधवार को इन अफवाहों के गुब्बारे की हवा खुद वनप्लस इंडिया के CEO रॉबिन लियू ने निकाली. उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक आधिकारिक पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया कि भारत वनप्लस के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और कंपनी पहले की तरह ही ‘बिजनेस एज़ यूजुअल’ मोड में काम कर रही है.
कहां से शुरू हुई अफवाहों की चिंगारी?
वनप्लस के बंद होने की अटकलों के पीछे मुख्य रूप से ‘एंड्रॉयड हेडलाइंस’ की एक रिपोर्ट थी, जिसमें दावा किया गया कि वनप्लस के कई अपकमिंग प्रोजेक्ट्स को होल्ड पर डाल दिया गया है. रिपोर्ट में कहा गया कि पैरेंट कंपनी ओप्पो अब वनप्लस को एक स्वतंत्र ब्रांड के बजाय केवल एक ‘सब-सीरीज’ के रूप में चलाने पर विचार कर रही है. इसके अलावा, पिछले साल दक्षिण भारतीय रिटेलर्स के साथ मार्जिन को लेकर हुए विवाद को भी इस एग्जिट थ्योरी से जोड़कर देखा गया.
I wanted to address some misinformation that has been circulating about OnePlus India and its operations.
We’re operating as usual and will continue to do so.
Never Settle. pic.twitter.com/eAGA7iy3Xs
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