सब धुंधला सा लग रहा था…गेंदबाज पर जीवनभर रहेगा दोस्त की दर्दनाक मौत का कलंक, जानलेवा बाउंसर ने ली जिंदगी


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25 नवंबर 2014 को ऑस्ट्रेलिया से उभरते हुए स्टार बल्लेबाज फिलिप ह्यूज की मौत सीन एबॉट की खतरनाक बाउंसर ने ले ली थी. शैफील्ड शील्ड मैच के दौरान ये हादसा हुआ था. गेंदबाज ने घटना का जिक्र करते हुए बताया था कि जब फिलिप को गेंद लगी, मैंने देखा कि वे लड़खड़ाने लगे और मैं पिच के दूसरे छोर पर दौड़ा.

गेंदबाज पर दोस्त की दर्दनाक मौत का कलंक, जानलेवा बाउंसर ने ली थी जिंदगीZoom

सीन एबॉट के खतरनाक बाउंसर पर चोटिल होने की वजह से फिलिप ह्यूज की गई थी जान

क्रिकेट इतिहास के सबसे डरावने और रूह कंपाने देने वाले पलों में सीन एबॉट के बाउंसर को याद किया जाता है. ऑस्ट्रेलिया के उभरते स्टार फिलिप ह्यूज की एक लोकल मैच को दौरान चोटिल होने के बाद मौत हो गई थी. 25 नवंबर 2014 की उस घटना ने दुनिया भर के खेल प्रेमियों को हिला कर रख दिया था.  एबॉट की एक खतरनाक बाउंसर ह्यूज की गर्दन के पास लगी, उनकी धमनी को चोट पहुंची और दो दिन बाद सेंट विंसेंट अस्पताल में उनकी मौत हो गई.

एबॉट के ऊपर इस घटना का गहरा असर पड़ा था. वो कई महीनों तक ह्यूज की मौत के सदमे में थे.  एबॉट ने उस पल को याद करते हुए लिखा था ह्यूज शॉट खेलने में थोड़ा जल्दी कर गए थे. “मुझे लगता है फिलिप ने शॉट खेलने में थोड़ी जल्दी कर दी थी. अगर बल्लेबाज शॉट में जल्दी करता है तो लगता है कि गेंद उतनी तेज नहीं थी जितनी उसने सोची थी. मुझे याद नहीं कि गेंद तेज थी या धीमी. शायद उस दिन पिच थोड़ी धीमी थी. एससीजी की पिच ऐसी ही होती है.

“जब फिलिप को गेंद लगी, मैंने देखा कि वे लड़खड़ाने लगे और मैं पिच के दूसरे छोर पर दौड़ा. अपने बाएं हाथ से उनके सिर के दाहिने हिस्से को पकड़ा. मैं मैदान पर तब तक रहा जब तक फिलिप को मेडिकैब पर नहीं ले जाया गया और फिर चेंज रूम में लौट आया. चेंज रूम में पहुंचकर मैं बहुत उलझन और दुखी महसूस कर रहा था, सिर में दर्द था. लोग मेरे पास आ रहे थे लेकिन मुझे याद नहीं कि उन्होंने क्या कहा. सब कुछ धुंधला सा लग रहा था. बहुत थका हुआ महसूस कर रहा था. ये भावनाएं अगले कुछ दिनों तक मेरे साथ रहीं.”

जांच में उस दिन न्यू साउथ वेल्स की रणनीति पर भी सवाल उठे. एबॉट ने अपने साथी ब्रैड हैडिन, डग बोलिंगर, डेविड वॉर्नर और ह्यूज के बैटिंग पार्टनर टॉम कूपर की बात दोहराई. उस दिन कुछ भी असामान्य नहीं था, जैसा कि शैफील्ड शील्ड मैच में आमतौर पर होता है. “मुझे घटना से पहले या उस दिन गेंदबाजी में कुछ भी असामान्य याद नहीं है. मुझे याद नहीं कि लंच के समय टीम को कोई खास निर्देश दिए गए हों या लंच के बाद के लिए कोई खास योजना बनी हो, हालांकि टीम में चर्चा जरूर हुई होगी.

“मुझे याद नहीं कि घटना से पहले फिलिप या टॉम असहज महसूस कर रहे थे या गेंदबाजी की रणनीति से उन पर कोई असर हो रहा था. मुझे लगा कि उस दिन खेल क्रिकेट के नियमों और भावना के तहत खेला जा रहा था. मुझे याद नहीं कि बल्लेबाजों से कोई बहस या बातचीत हुई हो और मुझे व्यक्तिगत रूप से फिलिप या टॉम से बात करने की याद नहीं है.

एबॉट और ह्यूज ने 2014 में दुबई में ऑस्ट्रेलिया के लिए टी20 डेब्यू किया था. “मैं हमेशा फिलिप की इज्जत करता था. वह एक मजबूत खिलाड़ी थे. मुझे हमेशा लगता था कि उन्हें आउट करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी. शायद मैंने उन्हें कभी आउट नहीं किया.”

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Viplove Kumarchief sub editor

विप्लव कुमार 2022 से न्यूज18 के साथ काम कर रहे हैं. रीडर्स के लिए दिन की शुरुआत अच्छी हो इसकी खास जिम्मेदारी उनके कंधे पर होती है. सुबह की शिफ्ट में आकर पिछले दिन हुई रोचक घटना से लेकर पूरे दिन होने वाली गतिविध…और पढ़ें



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