Dharm & Motivation

गुरु पूर्णिमा कब है 28 या 29 जुलाई? यहां जानिए सही तारीख, शुभ मुहूर्त और महत्व

Ajay Kumar Verma
By Ajay Kumar Verma On July 15, 2026
2 min read 1.2k views

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है। हर माह में आने वाली पूर्णिमा तिथि महत्वपूर्ण मानी जाती है। लेकिन आषाढ़ महीने की पूर्णिमा अत्यंत फलदायी मानी जाती है। आपको बता दें कि आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा मनाया जाता है। इस दिन देवी-देवताओं के साथ गुरुओं की पूजा का भी विधान है। गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास की जयंती के रूप में मनाया जाता है।  बता दें कि वेद व्यास जी ने महाभारत और वेदों की रचना की थी। तो चलिए जानते हैं कि गुरु पूर्णिमा कब मनाया जाएगा और स्नान-दान का मुहूर्त क्या रहेगा।

गुरु पूर्णिमा 2026 कब है?

आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 28 जुलाई को शाम 6 बजकर 18 मिनट पर होगा। पूर्णिमा तिथि का समापन 29 जुलाई को रात 8 बजकर 5 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा। आपको बता दें कि गुरु पूर्णिमा को आषाढ़ पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन के बाद से ही भगवान शिव के प्रिय पावन सावन माह का आरंभ होता है।

गुरु पूर्णिमा 2026 स्नान-दान मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 4 बजकर 17 मिनट से सुबह 4 बजकर 59 मिनट तक
  • लाभ-उन्नति मुहूर्त- 05:41 ए एम से 07:22 ए एम तक
  • अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त- 07:22 ए एम से 09:04 ए एम तक
  • शुभ-उत्तम मुहूर्त- 10:46 ए एम से दोपहर 12:27 पी एम तक
  • चर-सामान्य मुहूर्त- 03:51 पी एम से 05:32 पी एम तक
  • लाभ-उन्नति मुहूर्त- शाम 05:32 पी एम से 07:14 पी एम तक

गुरु पूर्णिमा महत्व

गुरु ब्रह्मा है, गुरु विष्णु है, गुरु भगवान है और गुरु महेश्वर है। शिक्षक प्रत्यक्षतः परम ब्रह्म है, जिन्हें मैं प्रणाम करता हूँ। गुरु के ज्ञान से ही जीवन में सफलता के लिए हमें सही मार्ग मिलता है। गुरु, अर्थात वह महापुरुष, जो आध्यात्मिक ज्ञान एवं शिक्षा द्वारा अपने शिष्यों का मार्गदर्शन करते हैं। इसलिए गुरु पूर्णिमा के दिन गुरुओं की पूजा कर के उनका आशीर्वाद लें। ऐसा करने से गुरुओं की कृपा सदैव आपके ऊपर बनी रहेगी। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शिष्य अपने गुरुओं की पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं अगर आपकी कुंडली में गुरु दोष है तो गुरु पूर्णिमा के दिन स्नान-दान के साथ अपने गुरुजनों का भी पूजा कर आशीर्वाद लें। इसके साथ ही अपने गुरुओं को गुरु दक्षिणा भी दें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

16 जुलाई को सूर्य करेंगे कर्क राशि में गोचर, इन राशियों की चमकेगी किस्मत, आर्थिक के साथ करियर में भी मिलेगा लाभ

Source link


Discover more from News Link360

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Ajay Kumar Verma

Ajay Kumar Verma

Bringing you the latest news and in-depth analysis from around the world.

Leave a Reply

Discover more from News Link360

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading