शनि ग्रह को कर्मों का फल देने वाला माना जाता है। कुंडली में शनि की स्थिति का जीवन पर गहरा प्रभाव देखने को मिलता है। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि कुंडली में किन भावों में शनि का वक्री होकर बैठना शुभ माना जाता है। अगर आपकी कुंडली में भी शनि इन भावों में वक्री अवस्था में बैठे हों तो जीवन में सुखद फल आपको प्राप्त हो सकते हैं।
शनि इन भावों में वक्री होते हुए भी देते हैं शुभ फल
तीसरा भाव
कुंडली के तीसरे भाव को पराक्रम और साहस का कारक माना जाता है। इस भाव में शनि वक्री बेहद शुभ परिणाम व्यक्ति को प्रदान कर सकता है। इस भाव में शनि के वक्री होने से व्यक्ति चुनौतियों से कभी नहीं घबराता और जुझारू होता है। इस भाव में वक्री शनि जबरदस्त मेहनत करने की क्षमता प्रदान करता है। ऐसे लोग कभी भी जीवन में हार नहीं मानते और इसीलिए इनको सुखद फल भी शनि प्रदान करते हैं। मीडिया और मार्केटिंग के क्षेत्र में ऊंचाइयां ऐसे लोग प्राप्त कर सकते हैं। वहीं इनमें लेखन कला भी देखने को मिल सकती है। जीवन के शुरुआती समय में भले ही इन्हें परेशानियों का सामना करना पड़े लेकिन 30 की उम्र पार करने के बाद ये बड़ी उपल्ब्धियां हासिल कर सकते हैं।
छठा भाव
कुंडली के छठे भाव को शत्रु, ऋण और रोग का कारक माना जाता है। हालांकि यहां शनि का बैठना बेहद शुभ होता है। जिन लोगों के छठे भाव में शनि वक्री होकर विराजमान होते हैं वो शत्रुओं पर हमेशा विजय प्राप्त कर सकते हैं। इनके शत्रु इनके सामने कभी नहीं टिक पाते। ऐसे लोगों को प्रतियोगी परीक्षाओं में जबरदस्त सफलता भी मिल सकती है और नौकरी करना इनके लिए सुखद रहता है। ऐसे लोग उच्च पदों तक भी पहुंच सकते हैं। ऐसे लोगों को कोर्ट-कचहरी के मामले में भी सफल माना जाता है। अच्छा वकील या जज ऐसे लोग बन सकते हैं।
एकादश भाव
कुंडली के एकादश भाव को लाभ और मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाला भाव कहा जाता है। इस भाव में शनि का वक्री होना धन लाभ दिलाने वाला साबित हो सकता है। ऐसे लोगों की मनोकामनाएं भी शनि पूरी करते हैं। जिन लोगों को एकादश भाव में शनि वक्री होते हैं उनको जीवन में अचानक से बड़ा धन लाभ मिलने के भी योग होते हैं। कारोबार में ऐसे लोगों को उपलब्धियां मिलने के योग होते हैं। विदेशी कारोबार से भी ऐसे लोग अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
यह भी पढ़ें:
Discover more from News Link360
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
