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Most International Runs for India Without Bowling: भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने बल्ले से रनों का अंबार खड़ा किया, लेकिन अपने पूरे इंटरनेशनल करियर में कभी एक गेंद तक नहीं फेंकी. केएल राहुल से लेकर अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत, ईशान किशन और फारूख इंजीनियर जैसे सितारों की मुख्य ताकत सिर्फ बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग रही. जानिए उन टॉप-5 भारतीय बल्लेबाजों के बारे में, जिन्होंने बिना गेंदबाजी किए अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने का अनोखा रिकॉर्ड कायम किया है.
वो पांच भारतीय क्रिकेटर जिन्होंने एक भी गेंद फेंके बिना इंटरनेशनल क्रिकेट मे बनाए सबसे ज्यादा रन.
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के लंबे और समृद्ध इतिहास में कई ऐसे महान बल्लेबाज हुए हैं जिन्होंने मैदान पर लंबे-लंबे छक्के-चौके जड़े, शतक ठोके और टीम को यादगार जीत दिलाई. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि इनमें से कुछ खिलाड़ी ऐसे भी रहे हैं, जिन्होंने बल्ले से रनों का अंबार तो खड़ा किया, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में कभी एक गेंद तक फेंकने के लिए गेंद नहीं थामी? क्रिकेट की दुनिया में अक्सर ऑलराउंडरों की चर्चा होती है, या फिर उन पार्ट-टाइम गेंदबाजों की जो जरूरत पड़ने पर एकाध ओवर फेंककर पार्टनरशिप तोड़ देते हैं. कप्तान एमएस धोनी से लेकर विराट कोहली और रोहित शर्मा तक, इन सभी दिग्गजों ने जरूरत के वक्त इंटरनेशनल स्तर पर गेंदबाजी की है. लेकिन एक खास जमात ऐसे विशुद्ध बल्लेबाजों और विकेटकीपरों की भी है, जिनकी भूमिका टीम में इतनी स्पष्ट और तय रही कि उनके हाथों में कप्तानों ने कभी लाल या सफेद गेंद थमाने की जहमत ही नहीं उठाई.
जब हम भारत के लिए बिना एक भी गेंद फेंके इंटरनेशनल क्रिकेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की बात करते हैं, तो इसमें कई ऐसे स्टार्स के नाम सामने आते हैं जिन्होंने भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ बनकर सालों तक सेवाएं दी हैं.
इस लिस्ट में सबसे पहला नाम आता है केएल राहुल (KL Rahul) का. कर्नाटक से आने वाले इस स्टाइलिश बल्लेबाज ने भारतीय टीम में एक ओपनर, मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज और जरूरत पड़ने पर एक कुशल विकेटकीपर की बहुमुखी भूमिकाएं निभाई हैं. तीनों प्रारूपों में भारत के सबसे निरंतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में से एक रहे केएल राहुल ने अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 9830 रन बनाए हैं. हैरानी की बात यह है कि लगभग दस हजार इंटरनेशनल रनों के इतने बड़े आंकड़े के बावजूद, राहुल के खाते में आज तक एक भी इंटरनेशनल डिलीवरी (एक भी गेंद नहीं फेंकी है) नहीं दर्ज हुई है. उनकी पूरी ऊर्जा सिर्फ और सिर्फ अपनी कलात्मक बल्लेबाजी और विकेटों के पीछे की चुस्ती पर केंद्रित रही है.
भरोसेमंद और कलात्मक बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे
इस लिस्ट में दूसरा बड़ा नाम भारत के पूर्व टेस्ट उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे का है. ‘जिंक्स’ के नाम से मशहूर रहाणे की बल्लेबाजी की पहचान उनका धैर्य, बेहतरीन तकनीक और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को उबारने की कला रही है. मेलबर्न और लॉर्ड्स जैसे विदेशी मैदानों पर ऐतिहासिक शतक जड़ने वाले रहाणे ने अपने इंटरनेशनल करियर में कुल 8414 रन बनाए हैं. राहुल की तरह ही, अजिंक्य रहाणे ने भी अपने करियर में एक विशुद्ध विशेषज्ञ बल्लेबाज की भूमिका निभाई और कभी गेंदबाजी में हाथ नहीं आजमाया। स्लिप में अपनी जादुई कैचिंग के लिए मशहूर इस खिलाड़ी का काम सिर्फ रन बनाना और कैच पकड़ना ही रहा.
विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का मैजिक
तीसरे पायदान पर भारत के आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत का नाम आता है. गाबा के ऐतिहासिक मैदान पर भारत को नामुमकिन सी जीत दिलाने वाले पंत अपनी बेखौफ और तूफानी बल्लेबाजी के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं. उन्होंने अब तक भारत के लिए 5637 रन बनाए हैं. चूंकि पंत का मुख्य काम विकेटकीपिंग का दस्ताना संभालना और मध्यक्रम में आकर मैच का पासा पलटना है, इसलिए कप्तानों को कभी यह सोचने की जरूरत ही नहीं पड़ी कि पंत से ओवर भी करवाया जाए. जब तक वह मैदान पर रहते हैं, उनके बल्ले का तूफान ही विरोधी टीमों के लिए काफी होता है.
युवा और विस्फोटक टैलेंट ईशान किशन
इस लिस्ट में चौथा स्थान हासिल किया है झारखंड के युवा और विस्फोटक बल्लेबाज ईशान किशन ने. ईशान ने जब भी भारत के लिए नीली जर्सी या सफेद जर्सी पहनी, अपने आक्रामक अंदाज से सभी का ध्यान खींचा. वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने का कारनामा कर चुके इशान किशन ने अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2793 रन बनाए हैं. एक विशेषज्ञ विकेटकीपर-बल्लेबाज होने के नाते इशान का ध्यान हमेशा गेंद को सीमा पार भेजने और स्टंप्स के पीछे से मैच को नियंत्रित करने पर रहा, जिसके चलते उन्होंने भी अपने पूरे करियर में कभी गेंदबाजी नहीं की.
पुराने दौर का अनूठा रिकॉर्ड फारूख इंजीनियर
इस खास फेहरिस्त में पांचवां नाम भारत के दिग्गज पूर्व क्रिकेटर और 1960-70 के दशक की आन-बान-शान फारूख इंजीनियर का है. अपने जमाने के सबसे डैशिंग और निडर विकेटकीपर-बल्लेबाजों में शुमार फारूख इंजीनियर ने भारतीय क्रिकेट के उस दौर में पहचान बनाई जब भारतीय स्पिन चौकड़ी का दबदबा था. उन्होंने अपने इंटरनेशनल करियर में कुल 2725 रन बनाए. स्टंप्स के पीछे अपनी बिजली जैसी फुर्ती और बल्ले से आक्रामक रवैये के लिए जाने जाने वाले इंजीनियर ने भी अपने पूरे करियर में कभी एक भी गेंद नहीं फेंकी.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…
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