वनडे की 5 सबसे बड़ी पार्टनरिशप…जब गेंदबाजों के छूटे पसीने, 11 साल से कोई नहीं तोड़ सका विश्व कीर्तिमान


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5 Highest partnerships for any wicket in ODI: वनडे क्रिकेट इतिहास की 5 सबसे बड़ी पार्टनरशिप के बारे में जातने हैं.जब क्रिस गेल-मार्लन सैमुअल्स की जोड़ी ने विश्व रिकॉर्ड बनाया, जो आज तक दुनिया की कोई भी जोड़ी नहीं तोड़ सकी. शाई होप और जॉन कैंपबेल ने ओपनिंग में बड़ी साझेदारी जरूर की लेकिन विश्व रिकॉर्ड को नहीं तोड़ सकी. वहीं सचिन-द्रविड़ और गांगुली-द्रविड़ की भारतीय जोड़ियों ने यादगार पारियां खेलकर इतिहास रचा.

वनडे की 5 सबसे बड़ी पार्टनरिशप...जब गेंदबाजों के छूटे पसीनेZoom

वनडे की 5 सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड.

नई दिल्ली. वनडे क्रिकेट के इतिहास में जब दो बल्लेबाज क्रीज पर सेट हो जाते हैं, तो मैच का रुख किस कदर बदल सकता है. इसकी तस्दीक ये यादगार पारियां करती हैं. ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि मैदान पर लिखे गए वे महारिकॉर्ड हैं जहां गेंदबाजों की रणनीति धरी की धरी रह गई और रिकॉर्ड बुक के पन्ने फिर से लिखे गए. आइए, वनडे क्रिकेट की 5 सबसे बड़ी और ऐतिहासिक साझेदारियों के बारे में जानते हैं. इस लिस्ट में टॉप पर वेस्टइंडीज के धाकड़ ओपनर क्रिस गेल और मार्लन सैमुअल्स की जोड़ी है. जिसने 11 साल पहले जो विश्व कीर्तिमान बनाया वो आज तक कायम है.

24 फरवरी 2015 में कैनबरा में आईसीसी विश्व कप का मैच था. वेस्टइंडीज के सामने जिम्बाब्वे की चुनौती थी. मैच की शुरुआत में ही वेस्टइंडीज का पहला विकेट शून्य के स्कोर पर गिर गया, लेकिन इसके बाद मैदान पर जो हुआ, उसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. क्रिस गेल (Chris Gayle) और मार्लन सैमुअल्स ने क्रीज पर कदम जमाए और देखते ही देखते चौकों-छक्कों की बरसात शुरू कर दी. ‘यूनिवर्स बॉस’ क्रिस गेल ने इस मैच में आक्रामक दोहरा शतक जड़ दिया, तो दूसरे छोर से मार्लन सैमुअल्स ने भी शतकीय पारी खेलकर जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए. दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 372 रनों की ऐसी ऐतिहासिक साझेदारी निभाई, जो आज भी वनडे क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी का विश्व रिकॉर्ड है. इस महा-पार्टनरशिप के दम पर कैरेबियाई टीम ने एक विशाल स्कोर खड़ा किया था.

वनडे की 5 सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड.

डबलिन में होप और कैम्पबेल का धमाका
कैनबरा के कारनामे के ठीक चार साल बाद 5 मई 2019 को आयरलैंड के डबलिन में एक और कैरेबियाई तूफान आया. इस बार हीरो थे वेस्टइंडीज के दो युवा सलामी बल्लेबाज शाई होप (Shai Hope) और जॉन कैंपबेल. मैच की पहली ही गेंद से दोनों ने आयरिश गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया. जहां कैंपबेल बेहद आक्रामक रुख अपना रहे थे, वहीं शाई होप समझदारी और कलात्मकता के साथ पारी को संवार रहे थे. दोनों ने मिलकर बिना कोई विकेट खोए पहला विकेट के लिए 365 रन जोड़ डाले. यह वनडे इतिहास में किसी भी विकेट के लिए दूसरी सबसे बड़ी और पहले विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी बन गई. दोनों ही बल्लेबाजों ने अपने-अपने शतक पूरे किए और अपनी टीम को एक अविश्वसनीय शुरुआत दिलाई.

हैदराबाद में ‘वॉल’ और ‘मास्टर’ की जुगलबंदी
साल 1999 भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी साझेदारियों का साल रहा. 8 नवंबर 1999 को हैदराबाद के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला था. भारत ने सलामी बल्लेबाज सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) का विकेट जल्दी गंवा दिया था, जिसके बाद ‘मास्टर ब्लास्टर’ सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का साथ देने क्रीज पर आए ‘द वॉल’ राहुल द्रविड़. इसके बाद दर्शकों को क्रिकेट का सबसे सुखद अनुभव देखने को मिला. एक तरफ सचिन अपनी क्लासिक टाइमिंग से कीवी गेंदबाजों के छक्के छुड़ा रहे थे, तो दूसरी तरफ द्रविड़ ने अपनी तकनीक और ताकत का शानदार तालमेल पेश किया. दोनों दिग्गजों ने न्यूजीलैंड के अटैक को पूरी तरह बेअसर करते हुए दूसरे विकेट के लिए 331 रनों की विशाल साझेदारी की. सचिन ने नाबाद 186 रन बनाए और द्रविड़ ने 153 रनों की शानदार पारी खेली. इस साझेदारी ने तत्कालीन विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया था.

गांगुली और द्रविड़ का वो ऐतिहासिक दिन
हैदराबाद के इस करिश्मे से कुछ महीने पहले ही, 26 मई 1999 को इंग्लैंड के टाउनटन मैदान पर 1999 विश्व कप के दौरान भारतीय प्रशंसकों को एक और यादगार दिन देखने को मिला था. श्रीलंका के खिलाफ मैच में भारत ने सदगोपन रमेश का विकेट सिर्फ 6 रन पर गंवा दिया था. इसके बाद मैदान पर उतरी सौरभ गांगुली और राहुल द्रविड़ की जोड़ी. गांगुली ने ऑफ-साइड में अपने दर्शनीय शॉट्स और लंबे-लंबे छक्कों से समां बांध दिया, जबकि राहुल द्रविड़ ने गेंद को इतनी खूबसूरती से टाइम किया कि श्रीलंकाई कप्तान के पास कोई जवाब नहीं था. टाउनटन की छोटी बाउंड्री पर दोनों ने गेंदबाजों की जमकर क्लास ली और दूसरे विकेट के लिए 318 रन ठोक दिए. गांगुली ने 183 रन और द्रविड़ ने 145 रन बनाए. विश्व कप जैसे बड़े मंच पर यह उस समय की सबसे बड़ी साझेदारी बनी थी.

बुलावायो में फखर और इमाम की अटूट दीवार
ओपनिंग साझेदारियों के जिक्र में पाकिस्तान के फखर जमां और इमाम-उल-हक का नाम भी सुनहरे अक्षरों में दर्ज है. 20 जुलाई 2018 को बुलावायो में जिम्बाब्वे के खिलाफ चौथे वनडे में इस जोड़ी ने मैदान पर उतरते ही इतिहास रचना शुरू कर दिया. इमाम-उल-हक ने जहां संभलकर खेलते हुए अपना शतक पूरा किया, वहीं फखर ज़मां ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को कोई मौका न देते हुए वनडे क्रिकेट में पाकिस्तान की तरफ से पहला दोहरा शतक (नाबाद 210) जड़ दिया. दोनों सलामी बल्लेबाजों ने मिलकर पहला विकेट के लिए 304 रनों की अटूट और रिकॉर्डतोड़ साझेदारी की. इस साझेदारी की बदौलत पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे के सामने एक विशाल लक्ष्य रखा और मैच को एकतरफा अंदाज में अपने नाम किया.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…

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