मारुति सुजुकी सेलेरियो Vs वैगनआर: सबसे सस्ती और तगड़ा माइलेज, कौन सी कार आपके लिए बेस्ट?


नई दिल्ली. अगर आप अपनी पहली कार खरीदने की सोच रहे हैं और कुछ किफायती, चलाने में आसान और फ्यूल एफिशिएंट कार चाहते हैं, तो मुमकिन है कि आपकी नजर मारुति सुजुकी पर ही होगी. कंपनी की दो सबसे पॉपुलर एंट्री-लेवल हैचबैक हैं – मारुति सुजुकी सेलेरियो और मारुति सुजुकी वैगनआर. दोनों ही भारतीय सड़कों पर भरोसेमंद नाम हैं, लेकिन ये थोड़े अलग तरह के खरीदारों के लिए बनी हैं.

कीमत
मारुति सुजुकी सेलेरियो की शुरुआती कीमत 4,69,900 रुपये (एक्स-शोरूम) है, जो इसे भारत की सबसे किफायती पेट्रोल कारों में से एक बनाती है. वहीं, मारुति सुजुकी वैगनआर की शुरुआती कीमत 4,98,900 रुपये (एक्स-शोरूम) है, लेकिन इसमें ज्यादा वेरिएंट्स और इंजन ऑप्शन मिलते हैं. अगर आपका बजट सीमित है और हर रुपये की कीमत मायने रखती है, तो सेलेरियो यहां थोड़ी आगे है.

इंजन और परफॉर्मेंस
सेलेरियो में 998cc, 3-सिलेंडर K10C पेट्रोल इंजन मिलता है, जो करीब 67 बीएचपी पावर और 89 एनएम टॉर्क देता है. इसमें सीएनजी वेरिएंट भी उपलब्ध है. आप इसमें 5-स्पीड मैन्युअल या एएमटी ऑटोमैटिक गियरबॉक्स चुन सकते हैं, जो शहर में चलाने के लिए बढ़िया है.

वैगनआर में ज्यादा ऑप्शन
वहीं, वैगनआर में आपको ज्यादा विकल्प मिलते हैं. इसमें 1.0-लीटर इंजन मिलता है, जो सेलेरियो जितनी ही पावर देता है, या फिर 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन भी चुन सकते हैं, जो 88.5 बीएचपी तक की पावर देता है. इससे वैगनआर ज्यादा दमदार महसूस होती है, खासकर जब परिवार के साथ या हाईवे पर चलाना हो. इसमें भी सीएनजी वेरिएंट्स मिलते हैं.

माइलेज
मारुति कारें खरीदने की सबसे बड़ी वजह माइलेज ही है. सेलेरियो पेट्रोल वेरिएंट 26 किमी प्रति लीटर तक का माइलेज देता है, जबकि सेलेरियो सीएनजी 34.43 किमी प्रति किलो तक जा सकती है. दूसरी ओर, वैगनआर पेट्रोल का माइलेज 24.43 किमी प्रति लीटर तक है और सीएनजी वेरिएंट करीब 34.73 किमी प्रति किलो तक पहुंच सकता है.

साइज, स्पेस और कम्फर्ट
सेलेरियो थोड़ी लंबी और चौड़ी है, जिससे इसका लुक और फील ज्यादा कार जैसा लगता है. हालांकि, वैगनआर काफी ऊंची है, जिससे इसमें हेडरूम ज्यादा मिलता है और केबिन खुला-खुला लगता है. लंबे पैसेंजर्स के लिए वैगनआर ज्यादा आरामदायक रहती है. वैगनआर में 341 लीटर का बड़ा बूट स्पेस मिलता है, जबकि सेलेरियो कॉम्पैक्टनेस पर फोकस करती है.

फीचर्स और सेफ्टी
दोनों कारों में पावर विंडो, की-लेस एंट्री और टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट जैसे बेसिक फीचर्स मिलते हैं, जो टॉप वेरिएंट्स में आते हैं. सेफ्टी के मामले में भी सुधार हुआ है और नए वेरिएंट्स में 6 एयरबैग्स, एबीएस और रियर पार्किंग सेंसर्स जैसे फीचर्स मिलते हैं.

कौन सी कार खरीदें?
दोनों ही कारें भरोसेमंद हैं, मेंटेन करने में आसान हैं और पहली बार कार खरीदने वालों के लिए परफेक्ट हैं. आखिरी फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि आप फ्यूल एफिशिएंसी और कीमत को ज्यादा अहमियत देते हैं या फिर स्पेस और फ्लेक्सिबिलिटी को.



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