iPhone बनाने वाली कंपनी का लक्ष्य है कि सभी मंजूरियां और कमर्शियल एग्रीमेंट पूरे होने के बाद इसी साल के भीतर Apple Pay को भारत में लॉन्च किया जाए. इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, Apple कार्ड जारी करने वाले बैंकों के साथ फीस स्ट्रक्चर को लेकर भी बातचीत कर रहा है, ताकि उसके पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल किया जा सके. Apple Pay फिलहाल दुनिया के 89 देशों में काम कर रहा है.
अलग-अलग फेज़ में Apple Pay की एंट्री
सूत्रों के मुताबिक, भारत में Apple Pay की एंट्री फेज़ वाइज होगी. पहले चरण में कार्ड-बेस्ड कॉन्टैक्टलेस पेमेंट पर फोकस रहेगा. बाद के चरण में इसमें UPI इंटीग्रेशन जोड़ा जा सकता है, लेकिन इसके लिए अलग और ज्यादा जटिल रेगुलेटरी मंजूरियों की जरूरत होगी. शुरुआती दौर में Apple Pay के TPAP लाइसेंस के लिए आवेदन करने की संभावना कम है, क्योंकि UPI का रेगुलेटरी फ्रेमवर्क कार्ड पेमेंट सिस्टम से काफी अलग है. इस डेवलपमेंट की पहली रिपोर्ट Business Standard ने 21 जनवरी को दी थी. Apple India, Mastercard और Visa को भेजे गए सवालों का कोई जवाब नहीं मिला.
Samsung से होगा मुकाबला
भारत में Samsung पहले से ही अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस Samsung Wallet चला रहा है, जिसे 2022 में लॉन्च किया गया था. हाल के समय में इसमें UPI इंटीग्रेशन भी जोड़ा गया है, जिससे Samsung की पकड़ भारत के डिजिटल पेमेंट मार्केट में मजबूत हुई है, जहां UPI का दबदबा है.
Apple Pay कैसे करेगा काम?
Apple Pay को Apple Payments Services ऑपरेट करती है, जो Apple की सब्सिडियरी कंपनी है. लॉन्च के बाद यूजर्स अपने क्रेडिट और डेबिट कार्ड Apple Wallet में सेव कर सकेंगे और NFC टेक्नोलॉजी के जरिए PoS मशीन पर टैप करके पेमेंट कर पाएंगे. फिलहाल भारतीय बैंकों द्वारा जारी कार्ड Apple Wallet में ऐड नहीं किए जा सकते हैं.
भारत में Apple की बढ़ती मौजूदगी
Apple Pay की तैयारी ऐसे समय हो रही है, जब भारत में Apple की मौजूदगी तेजी से बढ़ी है. 2025 में कंपनी ने भारत में अब तक की सबसे ज्यादा iPhone शिपमेंट दर्ज की, और इसका मार्केट शेयर करीब 9–10% रहा, जिससे Apple देश के टॉप-5 स्मार्टफोन ब्रांड्स में शामिल हो गया.
Counterpoint के एनालिस्ट वरुण मिश्रा के मुताबिक, भारत अब iPhone के सबसे बड़े बाजारों में से एक बन चुका है. बढ़ता हुआ iPhone यूजर बेस Apple के लिए लोकल सर्विसेज, जैसे Apple Pay, लॉन्च करने का बड़ा मौका है. उन्होंने कहा कि भारत में UPI की वजह से लोग पहले से ही डिजिटल पेमेंट के आदी हैं, इसलिए Apple Pay अपनाने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी. हालांकि, Apple को Google Pay जैसे QR-बेस्ड ऐप्स से अलग दिखने के लिए iOS इंटीग्रेशन, आसान इंटरफेस और मजबूत प्राइवेसी व सिक्योरिटी पर जोर देना होगा. Apple Pay की एंट्री को देखते हुए, 2025 से ही कई भारतीय फिनटेक कंपनियां अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के लिए अपने सिस्टम में Apple Pay को सपोर्ट करने की तैयारी शुरू कर चुकी हैं.
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