गूगल एंड्रॉयड में नया Theft Protection फीचर, फोन और डेटा सुरक्षित


गूगल ने एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स के लिए नए Theft Protection फीचर्स के विस्तार का ऐलान किया है. इनका मकसद फोन को चोरों के लिए और ज्यादा मुश्किल टारगेट बनाना और चोरी की कोशिश से पहले, दौरान और बाद में यूज़र्स के डेटा को सुरक्षित रखना है. गूगल के मुताबिक, ये अपडेटेड सिक्योरिटी टूल्स मौजूदा सुरक्षा फीचर्स को आगे बढ़ाते हैं और अब ऑथेंटिकेशन कंट्रोल, लॉकआउट बिहेवियर और रिकवरी ऑप्शन्स पर ज्यादा मजबूत पकड़ देते हैं.

गूगल ने अपने सिक्योरिटी ब्लॉग में बताया कि ये नए Theft Protection फीचर्स एंड्रॉयड 16 या उससे ऊपर के वर्जन वाले डिवाइसेज़ पर रोलआउट हो रहे हैं. एंड्रॉयड 15 में पेश किया गया Failed Authentication Lock फीचर अब और बेहतर हो गया है. इसके लिए सेटिंग्स में अलग से ऑन/ऑफ करने का टॉगल दिया गया है, जिससे यूज़र्स इसे आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं.

इसके अलावा, Identity Check फीचर उन ऐप्स के लिए खास तौर पर फायदेमंद होगा, जो एंड्रॉयड बायोमेट्रिक प्रॉम्प्ट का इस्तेमाल करते हैं, जैसे थर्ड-पार्टी बैंकिंग ऐप्स और गूगल पासवर्ड मैनेजर. इस फीचर के तहत, अगर आप किसी अनट्रस्टेड जगह पर कुछ संवेदनशील सेटिंग्स बदलते हैं, तो फोन आपसे बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन मांगेगा.

फोटो: Google

पासवर्ड का अंदाजा लगाना मुश्किल
गूगल ने ये भी दावा किया है कि अब चोरों के लिए फोन का PIN, पैटर्न या पासवर्ड गेस करना और मुश्किल हो जाएगा. कई बार गलत कोशिश करने पर लॉकआउट टाइम बढ़ा दिया गया है. हालांकि, यूज़र्स की सहूलियत का भी ध्यान रखा गया है. अगर एक ही गलत पासवर्ड बार-बार डाला जाता है, तो उसे अब बार-बार की कोशिश के तौर पर काउंट नहीं किया जाएगा, ताकि असली यूज़र गलती से लॉक आउट न हो जाए.

ऑथेंटिकेशन के अलावा, गूगल ने रिकवरी टूल्स को भी मजबूत किया है. एंड्रॉयड 10 या उससे ऊपर वाले डिवाइसेज़ के लिए अब Remote Lock फीचर में ज्यादा कंट्रोल मिलेगा. इसमें एक नया ऑप्शन जोड़ा गया है, जिसमें डिवाइस ओनर चाहें तो सिक्योरिटी क्वेश्चन या चैलेंज सेट कर सकते हैं, जिससे रिकवरी प्रोसेस और ज्यादा सुरक्षित हो जाती है.

चोरी से सुरक्षा को और ज्यादा लोगों तक सीधे पहुंचाने के लिए गूगल ने ब्राज़ील में एक्टिवेट होने वाले नए एंड्रॉयड फोन पर कुछ फीचर्स डिफॉल्ट रूप से ऑन करने का फैसला लिया है.

इनमें सबसे अहम है Theft Detection Lock, जो ऑन-डिवाइस AI का इस्तेमाल करके फोन के मूवमेंट और कॉन्टेक्स्ट को पहचानता है. अगर सिस्टम को ‘snatch-and-run’ जैसी चोरी का शक होता है, तो फोन अपने-आप लॉक हो जाता है, जिससे यूज़र का डेटा सुरक्षित रहे.

गूगल का यह कदम एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए एक बड़ा सिक्योरिटी अपग्रेड माना जा रहा है, खासकर उन लोगों के लिए जो फोन चोरी और डेटा सेफ्टी को लेकर ज्यादा सतर्क रहना चाहते हैं.



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