ब्राउज़र एक्सटेंशन से साइबर खतरा कैसे बढ़ता है और बचाव के उपाय.


आज के डिजिटल दौर में हम अपने ब्राउज़र को सिर्फ वेबसाइट खोलने का जरिया नहीं मानते, बल्कि उसे ईमेल पढ़ने, बैंकिंग करने, ऑफिस के काम और ऑनलाइन शॉपिंग तक के लिए इस्तेमाल करते हैं. इसी दौरान हम कई ब्राउज़र एक्सटेंशन भी इंस्टॉल कर लेते हैं, जैसे ऐड ब्लॉकर, ग्रामर चेक करने वाले टूल या फाइल डाउनलोडर. ये छोटे-छोटे टूल देखने में भले ही मददगार लगें, लेकिन कई बार यही आपके लिए बड़ा साइबर खतरा बन सकते हैं.

ब्राउज़र एक्सटेंशन क्या होते हैं? ब्राउज़र एक्सटेंशन छोटे सॉफ्टवेयर टूल होते हैं, जो आपके ब्राउज़र में अडिशनल फीचर्स जोड़ते हैं. जैसे विज्ञापन रोकना, पासवर्ड सेव करना, वेबसाइट ट्रांसलेट करना या काम की स्पीड बढ़ाना. अधिकतर एक्सटेंशन सुरक्षित होते हैं, लेकिन कुछ एक्सटेंशन शुरू से ही गलत इरादे से बनाए जाते हैं या बाद में अपडेट के जरिए खतरनाक बन जाते हैं.

खतरा कैसे शुरू होता है?
जब आप कोई एक्सटेंशन इंस्टॉल करते हैं, तो वह आपसे कुछ परमिशन यानी अनुमतियां मांगता है. कई बार ये एक्सटेंशन जरूरत से ज्यादा एक्सेस मांग लेते हैं, जैसे ‘सभी वेबसाइट्स पर डेटा देखने’ या ‘क्लिपबोर्ड एक्सेस’. अगर आपने बिना ध्यान दिए अनुमति दे दी, तो वह एक्सटेंशन आपकी वेबसाइट एक्टिविटी, लॉगइन डिटेल्स और यहां तक कि कॉपी किए गए पासवर्ड भी देख सकता है.

Malicious Extensions क्या कर सकते हैं?

  1. साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, खतरनाक ब्राउज़र एक्सटेंशन:
  2. आपकी ईमेल आईडी और पासवर्ड चुरा सकते हैं.
  3. कीबोर्ड पर टाइप की गई जानकारी रिकॉर्ड कर सकते हैं.
  4. बैंकिंग वेबसाइट पर ट्रांजैक्शन को दूसरी जगह रीडायरेक्ट कर सकते हैं
  5. फर्जी विज्ञापन और पॉप-अप दिखा सकते हैं.
  6. ऑफिस सिस्टम से कंपनी का संवेदनशील डेटा लीक कर सकते हैं.
  7. सबसे खतरनाक बात यह है कि ये एक्सटेंशन चुपचाप बैकग्राउंड में काम करते रहते हैं, और यूज़र को लंबे समय तक शक भी नहीं होता.

एंटीवायरस इन्हें क्यों नहीं पकड़ पाता?

अक्सर लोग सोचते हैं कि एंटीवायरस सब कुछ पकड़ लेगा, लेकिन ब्राउज़र एक्सटेंशन सीधे सिस्टम फाइल की तरह काम नहीं करते. ये ब्राउज़र के अंदर ही चलते हैं, इसलिए कई बार सिक्योरिटी टूल्स इन्हें खतरनाक नहीं मान पाते.

कैसे पहचानें कि एक्सटेंशन खतरनाक है?

कुछ संकेतों से आप सावधान हो सकते हैं:

  • एक्सटेंशन इंस्टॉल करने के बाद अचानक पॉप-अप और विज्ञापन बढ़ जाना.
  • ब्राउज़र का अचानक स्लो हो जाना.
  • बिना वजह बार-बार अपडेट होना.
  • अजीब वेबसाइट्स पर रीडायरेक्ट होना

खुद को सुरक्षित कैसे रखें?

साइबर एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं:

  • सिर्फ जरूरत के एक्सटेंशन ही इंस्टॉल करें.
  • हमेशा ऑफिशियल ब्राउज़र स्टोर से ही एक्सटेंशन डाउनलोड करें.
  • permissions ध्यान से पढ़ें.
  • अनजान डेवलपर या खराब रिव्यू वाले एक्सटेंशन से बचें.
  • समय-समय पर पुराने और बेकार एक्सटेंशन हटा दें.

ब्राउज़र एक्सटेंशन छोटे जरूर होते हैं, लेकिन अगर गलत हाथों में हों तो बड़ा साइबर खतरा बन सकते हैं. थोड़ी सी सतर्कता और समझदारी से आप अपनी निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स और डिजिटल पहचान को सुरक्षित रख सकते हैं. याद रखें, ऑनलाइन सुरक्षा की शुरुआत जागरूकता से होती है.



Source link


Discover more from News Link360

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Discover more from News Link360

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading