स्कूटर को नया जैसा रखने के 5 आसान टिप्स | Scooter Maintenance Guide & Mileage Boost


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क्या आपका स्कूटर रोजाना 20-40 किमी चलता है और बार-बार छोटी-मोटी दिक्कतें देता है? सही मेंटेनेंस से आप माइलेज 25% तक बढ़ा सकते हैं और हजारों रुपये की बचत कर सकते हैं. जानिए 5 आसान लेकिन असरदार टिप्स, जिनसे आपका स्कूटर सालों तक नया जैसा और भरोसेमंद बना रहेगा.

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स्कूटर चलाते हैं, तो फॉलो करें ये 5 जरूरी टिप्स! बढ़ जाएगा परफॉरमेंस और माइलेजZoom

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डेली अप-डाउन के लिए स्कूटर सबसे सस्ते और अच्छ ऑप्शन हैं. युवा, महिलाएं और छोटी फैमिली रोजाना 20-40 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए स्कूटर पर ही निर्भर रहते हैं. शहर की धूल, प्रदूषण, बारिश और भारी ट्रैफिक के कारण स्कूटर को छोटी-मोटी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है. अगर आप इसे बेहतर स्थिति में रखेंगे, तो स्कूटर की लाइफ भी बढ़ेगी और वो लंबे समय तक एफिशियंट रहेगा.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक सही मेंटेनेंस से स्कूटर की उम्र दोगुनी हो सकती है, माइलेज 20-25 प्रतिशत बढ़ सकता है और ब्रेकडाउन की समस्या 80 प्रतिशत तक कम हो जाती है. हर साल हजारों स्कूटर मालिक अनावश्यक रिपेयरिंग पर 5-7 हजार रुपये खर्च कर देते हैं. अगर आप भी अपना स्कूटर हमेशा नया जैसा रखना चाहते हैं तो बस पांच मुख्य टिप्स अपनाएं. इनसे आपका समय और पैसा दोनों ही बच सकेंगे.

रेगुलर क्लीनिंग और प्रोटेक्शन

हर हफ्ते कम से कम एक बार स्कूटर को अच्छी तरह धोएं. सॉफ्ट स्पंज, माइल्ड बाइक शैम्पू और प्रेशर वॉशर का इस्तेमाल करें. खासतौर पर चेन, स्प्रॉकेट, व्हील रिम और एग्जॉस्ट एरिया को साफ रखें. धोने के बाद सिलिकॉन स्प्रे या WD-40 से बॉडी पर पतली लेयर लगाएं जो जंग और UV डैमेज से बचाए. दिल्ली की धूल भरी हवा में ये स्टेप स्कूटर की पेंट और प्लास्टिक पार्ट्स को 40 प्रतिशत ज्यादा समय तक नया रखता है. अगर आप अपार्टमेंट में रहते हैं, तो बालकनी में कवर लगाकर रखें. ये छोटा सा काम स्कूटर की रीसेल वैल्यू भी 15-20 प्रतिशत बढ़ा देता है.

इंजन और लुब्रिकेंट मेंटेनेंस

स्कूटर का इंजन उसका दिल है. हर 1500-2000 किलोमीटर पर इंजन ऑयल जरूर बदलें. 10W-30 या 10W-40 सेमी-सिंथेटिक ऑयल का इस्तेमाल करें. पुराना ऑयल इंजन को ओवरहीट करता है और पिकअप कम कर देता है. साथ ही एयर फिल्टर हर 3 महीने में साफ या बदलें क्योंकि गंदा फिल्टर माइलेज 15 प्रतिशत तक घटा देता है. स्पार्क प्लग भी हर 8-10 हजार किलोमीटर पर चेक कराएं.

टायर, ब्रेक और सस्पेंशन केयर

टायर प्रेशर हर 15 दिन में चेक करें. सुबह के समय फ्रंट 29-39 PSI और रियर 33-35 PSI रखें. कम प्रेशर से टायर जल्दी घिसते हैं और माइलेज गिरता है. ब्रेक पैड हर 8000 किलोमीटर पर जांचें और ब्रेक फ्लूइड हर दो साल में बदलें. सस्पेंशन की ग्रीसिंग हर 5000 किलोमीटर पर करवाएं. खराब ब्रेक या टायर सड़क पर जानलेवा साबित हो सकते हैं.

बैटरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम

आजकल ज्यादातर स्कूटर में ड्राई बैटरी आती है, लेकिन फिर भी हर दो महीने में वोल्टेज चेक करवाएं. टर्मिनल्स पर वेसलीन लगाएं ताकि जंग न लगे. अगर स्कूटर 10 दिन से ज्यादा खड़ा रहना है, तो बैटरी को डिस्कनेक्ट कर दें. हेडलाइट, इंडिकेटर और हॉर्न नियमित चेक करें. एक कमजोर बैटरी पूरे इलेक्ट्रिकल सिस्टम को प्रभावित करती है और स्टार्टिंग प्रॉब्लम बढ़ा देती है. सही बैटरी केयर से आपका स्कूटर सुबह पहली किक में स्टार्ट हो जाएगा.

सही स्टोरेज और लॉन्ग टर्म केयर

अगर स्कूटर लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं हो रहा तो टैंक को फुल रखें, स्टैंड पर चढ़ाएं और टायरों में एक्स्ट्रा प्रेशर भर दें. कवर जरूर लगाएं. मानसून में गैरेज में रखें और कभी भी सीधे धूप में न छोड़ें. सर्विस सेंटर से पॉलिश और अंडरबॉडी कोटिंग भी करवा सकते है. ये पांच पॉइंट्स अपनाने से आपका सालाना खर्च 30-40 प्रतिशत कम हो सकता है और स्कूटर हमेशा शानदार कंडीशन में रहेगा.



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