वैभव का रेड बॉल से असली ‘टेस्ट’ अभी बाकी है, डराने वाले हैं ‘बेबी बॉस’ के फर्स्ट क्लास के आंकड़े, दलीप ट्रॉफी से दावेदारी होगी शुरु


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vaibhav sooryavanshi first class record: भारतीय क्रिकेट के सबसे युवा और उभरते हुए सितारे वैभव सूर्यवंशी पर आगामी दलीप ट्रॉफी में सभी की निगाहें टिक गई हैं. चयनकर्ताओं ने एक बड़ा दांव खेलते हुए इस आक्रामक बल्लेबाज को टीम का उपकप्तान नियुक्त किया है. रेड बॉल क्रिकेट के इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में वैभव की यह भूमिका उनके भविष्य को तय करने वाली साबित हो सकती है.

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रेड बॉल क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी का रिकॉर्ड डराने वाला, ये सीजन होगा अहम

नई दिल्ली. व्हाइट बॉल क्रिकेट में गेंदबाजों के लिए दहशत बन चुके वैभव सूर्यवंशी के लिए घरेलू क्रिकेट का ये सीजन बहुत अहम होगा क्योंकि डेज क्रिकेट में उनका बल्ला खामोश हो जाता है. बाएं हाथ के इस धाकड़ ओपनर के पास बड़े शॉट्स खेलने का हुनर हर किसी ने देखा है बस अब उनको ये दिखाना है कि वो सेशन दर सेशन बल्लेबाजी करना भी जानते है.

भारतीय क्रिकेट के सबसे युवा और उभरते हुए सितारे वैभव सूर्यवंशी पर आगामी दलीप ट्रॉफी में सभी की निगाहें टिक गई हैं. चयनकर्ताओं ने एक बड़ा दांव खेलते हुए इस आक्रामक बल्लेबाज को टीम का उपकप्तान नियुक्त किया है. रेड बॉल क्रिकेट के इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में वैभव की यह भूमिका उनके भविष्य को तय करने वाली साबित हो सकती है. सीमित ओवरों के क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले वैभव के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट की डगर उतनी आसान नहीं रही है.

रणजी ट्रॉफी (फर्स्ट क्लास क्रिकेट) में संघर्ष

बिहार के लिए खेलने वाले वैभव सूर्यवंशी ने जनवरी 2024 में मुंबई के खिलाफ महज 12 साल की उम्र में अपना रणजी डेब्यू कर इतिहास रचा था. हालांकि, रेड बॉल क्रिकेट के लंबे प्रारूप में उनका अब तक का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है लाल गेंद के सामने वैभव को क्रीज पर टिकने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा है. रणजी ट्रॉफी में उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन रहा है, जो उन्होंने मेघालय के खिलाफ बनाया था, लेकिन वे अब तक इस प्रारूप में कोई शतक नहीं लगा सके हैं. दलीप ट्रॉफी में उनकी इसी रक्षात्मक तकनीक और निरंतरता की असली परीक्षा होगी. रणजी के 8 मैचों में 17.25 के मामूली औसत से सिर्फ 207 रन बनाए है.

डे क्रिकेट बनाम व्हाइट बॉल में प्रदर्शन

एक तरफ जहाँ वैभव रणजी ट्रॉफी (डे क्रिकेट) के 17.25 के मामूली औसत से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सीमित ओवरों (वनडे/List A और टी-20) में उनका बल्ला आग उगलता है. वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए 16 मैचों में 237.30 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए हैं और ऑरेंज कैप अपने नाम की है. इसके अलावा वे टीम इंडिया के लिए टी-20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) में भी डेब्यू कर चुके हैं. वहीं लिस्ट ए के मैचों में वैभव ने 43.88 की औसत से 564 रन बनाए है.

रेड बॉल से क्यों है असली इम्तिहान?

सफेद गेंद से तेजी से रन बनाना वैभव की ताकत है, लेकिन लाल गेंद से पांच दिनों का खेल (डे क्रिकेट) पूरी तरह से अलग चुनौती पेश करता है. दलीप ट्रॉफी में उनके सामने देश के सबसे बेहतरीन और अनुभवी तेज गेंदबाज होंगे, जो लगातार सटीक लाइन-लेंथ से उनकी परीक्षा लेंगे. इस टूर्नामेंट में वैभव को अपनी आक्रामकता पर थोड़ा लगाम लगाना होगा और पिच पर लंबा समय बिताने का धैर्य दिखाना होगा. स्विंग और सीम होती लाल गेंद के खिलाफ अपनी फुटवर्क को दुरुस्त करना होगा. खराब गेंदों का इंतजार करने का अनुशासन सीखना होगा.

करियर को नई दिशा देने का सुनहरा मौका

वैभव सूर्यवंशी के लिए यह दलीप ट्रॉफी महज एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि उनके टेस्ट करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता हैय उपकप्तानी का दबाव और खुद को साबित करने की चुनौती उनके भीतर के सर्वश्रेष्ठ रेड-बॉल खिलाड़ी को बाहर ला सकती है. यदि वे यहाँ कुछ बड़ी और मैच जिताऊ पारियां खेलने में सफल रहते हैं, तो फर्स्ट क्लास क्रिकेट के उनके पिछले खराब आंकड़े पीछे छूट जाएंगे और भारतीय टेस्ट टीम में शामिल होने की उनकी दावेदारी बेहद मजबूत हो जाएगी.

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Rajeev MishraAssociate editor

राजीव मिश्रा, खेल पत्रकारिता में एक जाना पहचाना चेहरा है जो अपनी बेबाक विशलेषण के लिए जाने जाते है. वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स …

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