मारुति, टाटा, हुंडई की तरह महिंद्रा क्यों नहीं बेचती CNG कारें, ये है सबसे बड़ी वजह
महिंद्रा के पोर्टफोलियो में कोई सीएनजी मॉडल नहीं है, कंपनी ICE और इलेक्ट्रिक SUV पर फोकस कर रही है और 2029 तक कई नए मॉडल लाने की योजना बना रही है. फिलहाल, इंडिया में सबसे बड़ा सीएनजी प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मारुति सुजुकी के पास है. इसके बाद टाटा और हुंडई के पास भी कई शानदार सीएनजी मॉडल हैं. निसान ने भी हाल ही में भारत में मैग्नाइट के लिए सीएनजी किट लॉन्च की है.

महिंद्रा का फिलहाल अपने प्रोडक्ट रेंज में सीएनजी या अन्य ऑप्शनल फ्यूल तकनीकें लाने का कोई इरादा नहीं है. कंपनी अपनी कोर ब्रांड पहचान पर कायम रहना चाहती है और ऐसे ग्राहकों को टारगेट करना चाहती है, जो कुछ अलग और खास प्रोडक्ट्स की तलाश में हैं. महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रेसिडेंट – ऑटोमोटिव बिजनेस आर वेलुसामी ने पीटीआई से बातचीत में कहा, “हमारा फोकस ICE और इलेक्ट्रिक पर रहा है और इन क्षेत्रों में हम अच्छी ग्रोथ कर रहे हैं. हमारे पर्सनल व्हीकल पोर्टफोलियो में ग्राहक अलग तरह के प्रोडक्ट्स चाहते हैं, वे मास मार्केट में नहीं जाना चाहते.”
4 साल में लॉन्च होंगे कई नए मॉडल
उन्होंने बताया कि कंपनी SUV सेगमेंट पर पूरी तरह फोकस्ड है और अगले चार सालों में कई नए मॉडल लॉन्च करने की योजना है. हालांकि, कंपनी का फिलहाल मल्टी-पर्पज व्हीकल (MPV) सेगमेंट में उतरने का कोई इरादा नहीं है. वेलुसामी ने बताया कि कंपनी घरेलू पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में अपनी कॉम्पटेटिव एज बनाए रखने के लिए ऑपरेशनल एफिशिएंसी और टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट जैसी कई पहलों पर काम कर रही है.
महिंद्रा की जबरदस्त ईवी सेल
उन्होंने कहा कि SUV सेगमेंट अभी भी ग्रो कर रहा है और कंपनी अब से 2029 तक और भी नए मॉडल लाने की योजना बना रही है. इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में कंपनी का लक्ष्य इस वित्त वर्ष के अंत तक करीब 7,000 इलेक्ट्रिक वाहन बेचने का है. कंपनी चाहती है कि 2028 तक उसकी कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक रेंज की हिस्सेदारी करीब 25 फीसदी हो जाए. महिंद्रा पिछले सात महीनों में पहले ही 30,000 से ज्यादा EV (BE 6 और XEV 9) बेच चुकी है, जिससे करीब 8,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू आया है.
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